गोंडा : जिले के सदर तहसील क्षेत्र में सिंचाई विभाग ने तीन गांवों में नहर खुदाई को लेकर बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। सालपुर, जोगिया और धौतल गांवों में पुलिस की भारी तैनाती के बीच जेसीबी मशीनों से सड़क खोदकर बाईपास बनाया जा रहा है। तीनों गांवों के लोग मुआवजे की मांग को लेकर पांच साल से धरने पर बैठे थे, जिन्हें आज पुलिस ने हटाया।
तीन गांवों में पुलिस छावनी में तब्दील: नगर कोतवाली, देहात कोतवाली, धानेपुर और इटियाथोक समेत कई थानों की पुलिस मौके पर तैनात है। पुलिस की मौजूदगी में जेसीबी से सड़क को तोड़कर बाईपास निर्माण किया जा रहा है।
नहर खुदाई के रास्ते में मकान: नहर के रास्ते में आ रहे एक मकान को गिराने की भी तैयारी की जा रही है। पुलिस प्रभावित परिवार को अपने साथ ले गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना उचित मुआवजे के नहर निर्माण किया जा रहा है, जो अन्यायपूर्ण है।
धरने पर बैठे ग्रामीण हटाए गए: पिछले पांच सालों से मुआवजे की मांग कर रहे तीनों गांवों के लोग धरने पर बैठे थे। पुलिस ने आज धरने को हटाकर नहर खुदाई का काम शुरू करवा दिया।
ग्रामीणों की चुप्पी: भारी पुलिस बल की मौजूदगी के चलते ग्रामीण किसी भी तरह की प्रतिक्रिया देने से बच रहे हैं। उनका कहना है कि प्रशासन ने उनकी मांगों की अनदेखी की है।
प्रशासन की स्थिति: सिंचाई विभाग और जिला प्रशासन का कहना है कि नहर निर्माण परियोजना को तय समय में पूरा करना जरूरी है। मुआवजा वितरण की प्रक्रिया जारी है और प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाएगा।
निष्कर्ष: गोंडा के तीन गांवों में चल रही नहर खुदाई ने ग्रामीणों और प्रशासन के बीच तनाव को बढ़ा दिया है। पुलिस की भारी तैनाती के बीच नहर निर्माण जारी है, जबकि ग्रामीण मुआवजे की मांग पर अड़े हुए हैं।



