गोंडा। उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के परसपुर थाना क्षेत्र में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मृतका के पिता की शिकायत पर पुलिस ने पति समेत चार लोगों पर दहेज हत्या का मामला दर्ज कर लिया है।
पिता ने लगाया दहेज हत्या का आरोप
मृतका के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि उनकी बेटी की मौत कोई सामान्य घटना नहीं है, बल्कि उसे दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित किया जा रहा था। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी को शादी के बाद से ही दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता था और अंततः उसकी जान ले ली गई।
पति समेत चार लोगों पर मामला दर्ज
परसपुर थाना प्रभारी ने बताया कि मृतका के पिता की तहरीर के आधार पर पति, सास, ससुर और ननद के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 304B (दहेज हत्या) और 498A (महिला के साथ क्रूरता) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण का पता चल सकेगा।
परिवार का आरोप, दहेज के लिए होती थी प्रताड़ना
मृतका के पिता ने बताया कि उनकी बेटी की शादी तीन साल पहले हुई थी। शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष की ओर से दहेज की मांग की जा रही थी। उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले भी उनकी बेटी ने उन्हें फोन कर अपनी पीड़ा बताई थी।
पुलिस जांच में जुटी
गोंडा पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मामले की जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की गई है, जो सभी आरोपियों से पूछताछ करेगी और घटना की सच्चाई का पता लगाएगी।
महिला अपराधों में बढ़ोतरी, दहेज हत्या पर सवाल
गोंडा में विवाहिता की संदिग्ध मौत ने एक बार फिर दहेज हत्या जैसे गंभीर मुद्दे को उजागर कर दिया है। पुलिस के अनुसार, दहेज हत्या के मामले में कानूनन सख्त प्रावधान हैं, लेकिन जागरूकता की कमी और समाज में दहेज प्रथा की जड़ें इसे रोकने में बाधा बनती हैं।
दहेज हत्या: कानून क्या कहता है?
भारतीय दंड संहिता की धारा 304B के तहत, यदि विवाह के सात साल के भीतर किसी महिला की अप्राकृतिक मृत्यु होती है और यह साबित होता है कि उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया गया था, तो यह दहेज हत्या मानी जाती है। दोषी पाए जाने पर 7 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है।
पुलिस ने आम जनता से की अपील
गोंडा पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी महिला को दहेज या घरेलू हिंसा का सामना करना पड़ रहा है, तो वे तुरंत पुलिस को सूचित करें। पुलिस का कहना है कि किसी भी महिला की सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है।
निष्कर्ष
गोंडा में विवाहिता की संदिग्ध मौत ने एक बार फिर दहेज प्रथा की भयावहता को उजागर किया है। समाज में महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए जागरूकता बढ़ाने और कानून को सख्ती से लागू करने की आवश्यकता है।



