गोंडा। उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के मनकापुर थाना क्षेत्र में एक युवक पर आठ लोगों ने सामूहिक हमला कर दिया। घायल युवक को गंभीर हालत में लखनऊ के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
सादुल्लानगर से लौटते समय हुआ हमला
घटना 13 मई की रात करीब 9 बजे की है। मधईपुर निवासी सूरजभान प्रताप यादव अपने मामा के घर सादुल्लानगर के विशुनपुर खरहना गांव गया था। खाना खाने के बाद वह घर लौट रहा था। इसी दौरान रमईपुर निवासी विकास कुमार ने उसे रोका और बहस शुरू कर दी।
अचानक हुआ हमला, आठ लोगों ने घेरा
बातचीत के दौरान अचानक विकास कुमार ने अपने साथियों को बुला लिया। देखते ही देखते आठ लोगों ने सूरजभान पर हमला कर दिया। लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से उसे बुरी तरह पीटा गया।
स्थानीय लोग आए मदद के लिए
सूरजभान की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। हमलावर भाग निकले, जबकि घायल सूरजभान को स्थानीय लोगों ने पहले गोंडा जिला अस्पताल पहुंचाया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण उसे लखनऊ रेफर कर दिया गया।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच जारी
मनकापुर थाना प्रभारी ने बताया कि पीड़ित के बयान के आधार पर आठ नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस टीम ने मौके का निरीक्षण किया है और आरोपियों की तलाश जारी है। थाना प्रभारी ने कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और जांच निष्पक्षता के साथ की जाएगी।
परिवार का आरोप, पहले से थी रंजिश
सूरजभान के परिवार का आरोप है कि विकास कुमार और उसके साथियों से पहले भी विवाद हो चुका था, लेकिन गांववालों के समझाने पर मामला शांत हो गया था। परिजनों ने आरोप लगाया कि यह हमला पुरानी रंजिश का नतीजा है।
लखनऊ में चल रहा इलाज, हालत गंभीर
लखनऊ के एक निजी अस्पताल में सूरजभान का इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है। सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं।
पुलिस ने लोगों से की अपील
गोंडा पुलिस ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि यदि किसी के पास घटना से जुड़ा कोई भी वीडियो या फोटो है, तो उसे पुलिस के साथ साझा करें। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा।
जिला प्रशासन सतर्क, कानून व्यवस्था की समीक्षा
घटना के बाद जिला प्रशासन ने मनकापुर थाना क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। एसपी ने थाना प्रभारी को जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
निष्कर्ष
गोंडा में सूरजभान प्रताप यादव पर हुआ यह सामूहिक हमला इलाके में दहशत का कारण बन गया है। पुलिस की जांच और दोषियों की गिरफ्तारी ही पीड़ित और उसके परिवार को न्याय दिला सकती है।



