गोंडाः उत्तर प्रदेश के गोंडा और बलरामपुर जिलों में लोक निर्माण विभाग ने लगभग 11 टेंडर निरस्त किए हैं, जो लगभग 300 करोड़ रुपये की परियोजना से जुड़े थे।
यह आदेश केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह और भाजपा विधायक रमापति शास्त्री की हस्तक्षेप पर दिया गया। उनके आदेश पर शासन ने टेंडरों की शुचिता पर प्रश्नचिन्ह लगाकर नए सिरे से निविदाएँ आमंत्रित रखने का आदेश दिया है।
हस्तक्षेप क्यों किया गया?
केंद्रीय मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह और विधायक शास्त्री ने शासन से संपर्क किया था कि निविदाओं की शर्तें तय किए जाते हुए अनियमितता बरती गई थी, जिसके चलते योग्य कंपनियों ने बोली लगाने से परहेज किया था। इस संदेश ने शासन तक पहुंचने पर आदेश दिया कि सभी 11 निविदाएँ निरस्त किया जायें और नए आदेशों पर अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित किया जाये।
नए आदेश, नए टेंडर
लोक निर्माण विभाग ने आदेश मिलने पर सभी निरस्त आदेशों की जगह नए टेंडर आमंत्रित किए हैं, ताकि अधिकतर योग्य एजेंसियों और कॉन्ट्रेक्टरों की भागेदारी सुनिश्चित किया जा सके, साथ ही शासकीय धन का सदुपयोग किया जा सके।
क्षेत्र में प्रतिक्रिया
गोंडा-बलरामपुर क्षेत्र में इस आदेश ने हलचल मचाई है। लोगों ने इसका समर्थन किया है, साथ ही उम्मीद जताई है कि नए आदेश अधिक पारदर्शिता लाएँगे, योग्य एजेंसी का चयन होगा और तय बजट का सदुपयोग किया जाएगा।



