गोंडा: जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने जनपद में जल जीवन मिशन (ग्रामीण) कार्यक्रम तहत चलाई जा रही परियोजनाओं की गुणवत्ता पर सख्त रुख अपनाकर आदेश दिया है कि दोषियों पर कार्रवाई तय रहेगी।
जिलाधिकारी ने आदेश दिया कि जिन परियोजनाओं ने तय मानक पूरे नहीं किए, उनके लिए जिम्मेदारी तय किया जाये, साथ ही उनके क्रियान्वयन में शिथिलता बरतने वालों पर परिनिंदा, कारण बताओ नोटिस, व चेतावनी सहित विधिपूर्वक कार्रवाई सुनिश्चित किया जाये।
स्वतंत्र जांच ने किया असलियत का खुलासा
जिलाधिकारी ने आदेश दिया था कि जनपद स्तरीय टीम परियोजना स्थलों पर पहुंच कर वास्तविकता परखे। इस दौरान पाया गया कि अधिकतर स्थानों पर जल जीवन मिशन की परियोजना अधूरी होने पर भी उन्हें पूर्ण दर्शाकर आदेश दिया गया था।
जांच ने साफ किया कि:
✅ नलकूप स्थापना, पाइपलाइन बिछाने, कैंपस डेवलपमेंट, FHTC, सोलर पैनल, ऑटोमेशन, सड़क पुनर्निर्माण सहित अनेक काम अधूरे थे या शुरू ही नहीं किए गए थे।
✅ इसका असर गांवों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने पर पड़ा, जो कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य था।
एल एंड टी सहित एजेंसीज पर कारवाही आदेश
जिलाधिकारी ने आदेश दिया कि 145 परियोजनाें एल एंड टी (लार्सन एंड टुब्रो) ने क्रियान्वित किया, जबकि 4 परियोजनाें KLSR Raise Power Infra (JV) ने किया था।
✅ एल एंड टी के परियोजना प्रबंधक श्री मनोज कुमार और श्री सुनील कुमार सहित कंपनी ने तय आदेशों की अनदेखी किया।
✅ KLSR Raise Power Infra ने भी आदेशोँ का पालन नहीं किया, जिसके फलस्वरूप उनके खिलाफ कारण बताओ नोटिस दिया गया।
जिलाधिकारी ने आदेश दिया कि यदि तय किए गए एक सप्ताह या 10 दिनों तक सुधार नहीं किया गया, तो उनके खिलाफ अधिक कठोर कार्रवाई की जाएगी।
इंजीनियर रहे निशाने पर, परिनिंदा, चेतावनी, कारण बताओ आदेश
जिलाधिकारी ने आदेश दिया कि आदेशोँ की अवहेलना पर:
✅ 4 सहायक अभियंताओं – शुभम मिश्रा, अतुल कुमार त्यागी, नितिन किशोर, सिद्धार्थ शंकर पाण्डेय –को अंतिम चेतावनी दी गई। ✅ 9 अवर अभियंताओं – हर्षित मिश्रा, अंकुश गुप्ता, सरोज कुमार गुप्ता, मनीष कुमार पांडेय, रियाज़ अहमद, सचिन कुमार वर्मा, विशाल पाठक, अनुज कुमार, रोहन कुमार वर्मा – पर परिनिंदा प्रविष्टि दर्ज किया गया। ✅ सभी अभियंताओं से आदेश दिया गया कि 10 दिनों या तय तारीख तक शेष काम पूर्ण किया जाये, अन्यथा उनके खिलाफ अधिक कठोर कारवाही तय रहेगी।
जिलाधिकारी ने किया साफ – शिथिलता अस्वीकार्य
जिलाधिकारी ने आदेश दिया कि गुणवत्ता या तय आदेशोँ से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
लोकहित से जुड़े कार्यक्रमों की शिथिल क्रियान्विति, आदेशोँ की अवहेलना या गलत जानकारी देने पर कार्मिक, एजेंसी या अभियंताओं पर सख्त कार्रवाई तय रहेगी।
जिलाधिकारी ने सभी आदेश अधिक्षण अभियंताओं तक पहुंचाकर 10 दिनों या तय तारीख तक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करवाने और इसका अनुपालन आख्या देने का आदेश दिया।



