गोंडा: जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने एक बार फिर जनहित से जुड़े कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित रखने की दिशा में बड़ा आदेश दिया है। ग्राम चौपाल 3.0 कार्यक्रम के तहत प्राप्त शिकायत पर कार्रवाई करते हुए जिलाधिकारी ने आदेश दिया कि ठेकेदार द्वारा किए गए मानकविहीन नाला निर्माण पर FIR दर्ज किया जाये। इसका मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना था कि जनहित की योजनाओं का लाभ लोगों तक शत-प्रतिशत पहुंचे, साथ ही घोटाले या लापरवाही बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने आदेश दिया कि कर्नलगंज क्षेत्र के मौर्य नगर वार्ड-11 में सीवेज एवं जल निकासी योजना तहत किए जा रहे नाला निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच किया जाये। आदेश पर पहुंचे अधिकारियों ने पाया कि तय शर्तों का पालन नहीं किया गया था।
गौरतलब है कि नगर पालიკა परिषद, कर्नलगंज ने आदेश किया था कि मौर्य नगर चौराहा से जेपी स्कूल तक सीमेंट-कंक्रीट (CC) नाला बनाया जाये, जिसका आदेश 2 जून 2025 को दिया गया था, साथ ही इसका कार्य तीन माह तक पूर्ण किया जाना था। इसका ठेका मास्टर इंटरप्राइजेज, प्रोपराइटर मोहम्मद इबरार ने लिया था।
जांच में पाया गया कि आदेश अनुसार कॉन्क्रीट नाला बनाने की जगह ठेकेदार ने ईंट लगाकर काम शुरू किया, जो तय आदेश और गुणवत्ता मानक का घोर उल्लंघन था।
जब इसका संज्ञान लिया गया, तभी नगर पालიკა परिषद, कर्नलगंज ने अवर अभियंता ने मौके पर पहुंचाकर काम तत्काल रुकवा दिया था, साथ ही आदेश दिया था कि इसका सुधार किया जाये। किंतु आदेश मिलने पर भी ठेकेदार ने कोई सुधार नहीं किया, जिसके बाद 13 जून 2025 को जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने गांव चौपाल 3.0 कार्यक्रम के तहत लोगों की शिकायतें सुनीं, तभी यह मामला उनके संज्ञान आया।
जिलाधिकारी ने आदेश दिया कि ठेकेदार के खिलाफ विधिपूर्वक एफआईआर दर्ज किया जाये, जिसके तहत पुलिस ने कोतवाली कर्नलगंज थाने में अवर अभियंता दिवाकर प्रजापति की तहरीर पर एफआईआर दर्ज किया। साथ ही NCRB के IIF-1 फार्म भी साथ लगाया गया, जिसमें साफ किया गया कि ठेकेदार ने न केवल आदेशोँ की अवहेलना किया, बल्क़ि शासकीय धन, जनहित योजना, व लोगों के विश्वास से भी खिलवाड़ किया।
जिलाधिकारी ने साफ किया कि गोंडा जनपद में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा, और जनहित से जुड़े कार्यों में लापरवाही या घोटाले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। पुलिस ने मामला दर्ज होने बाद विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है, जबकि जिलाधिकारी ने आदेश दिया है कि इस तरह की अनियमितता पर शून्य सहिष्णुता रहेगी, ताकि तय गुणवत्ता, शांति, व पारदर्शिता सुनिश्चित रहे।



