गोंडा। गोंडा जिले में मॉडल वेंडिंग जोन के तहत दुकानों के आवंटन को लेकर एक बार फिर से नई जांच प्रक्रिया शुरू की गई है। जिलाधिकारी नेहा शर्मा के सख्त निर्देश पर नगर पालिका परिषद गोंडा द्वारा पात्र घोषित 581 आवेदकों की दोबारा जांच कराई जाएगी। यह जांच प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से कराई जाएगी, जिसमें राजस्व विभाग की टीम जमीनी स्तर पर सत्यापन करेगी।
इससे पहले नगर पालिका द्वारा दुकान आवंटन के लिए आवेदन प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई थी और 581 आवेदकों को पात्र घोषित किया गया था। लेकिन आवंटन में पारदर्शिता को लेकर उठे सवालों और जनशिकायतों के मद्देनज़र डीएम नेहा शर्मा ने पुन: सत्यापन का आदेश दिया है।
सत्यापन प्रक्रिया में क्या होगा खास?
राजस्व विभाग की टीम हर आवेदक के दस्तावेज, पात्रता और वेंडिंग की वर्तमान स्थिति का भौतिक सत्यापन करेगी। अगर किसी भी आवेदक के दस्तावेज फर्जी या अधूरे पाए जाते हैं, तो उनका नाम पात्र सूची से हटा दिया जाएगा।
जांच की पूरी प्रक्रिया पर नजर
नगर पालिका परिषद ने बताया कि यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रखी जाएगी और सभी चरणों की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी। इसके अलावा सत्यापन रिपोर्ट को सार्वजनिक रूप से वेबसाइट और नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित किया जाएगा।
जनता से अपील
डीएम नेहा शर्मा ने आम जनता से अपील की है कि अगर किसी को आवंटन प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता की जानकारी है, तो वे संबंधित अधिकारियों को लिखित रूप से जानकारी दें। शिकायतकर्ता का नाम गोपनीय रखा जाएगा।
क्यों महत्वपूर्ण है यह जांच?
गोंडा शहर में अतिक्रमण और अव्यवस्थित वेंडिंग व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए मॉडल वेंडिंग जोन की व्यवस्था की गई थी। इसका उद्देश्य फुटपाथ व्यापारियों को व्यवस्थित स्थान देकर उन्हें कानूनी और स्थायी आजीविका देना है।
निष्कर्ष:
गोंडा में वेंडिंग जोन योजना को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए दोबारा जांच एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल वास्तविक पात्रों को लाभ मिलेगा बल्कि व्यवस्था में भरोसा भी बढ़ेगा।



