गोंडा, उत्तर प्रदेश। 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर करनैलगंज विधानसभा क्षेत्र में देशभक्ति और गौरव का अद्भुत संगम देखने को मिला। क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक अजय सिंह ने इस ऐतिहासिक दिन की शुरुआत विकासखंड परसपुर स्थित शहीद स्मारक पर पहुंचकर वीर सपूतों को नमन करते हुए पुष्प अर्पित किए।

इस मौके पर उन्होंने कहा:
“मातृभूमि की रक्षा में अपने प्राणों का बलिदान देने वाले वीर शहीदों का ऋण हम कभी नहीं चुका सकते, लेकिन उनके सपनों का भारत बनाने के लिए निरंतर कार्य करना ही उनकी सच्ची श्रद्धांजलि है।”
परसपुर में भव्य ध्वजारोहण
शहीदों को नमन करने के बाद, विधायक अजय सिंह ने खंड विकास अधिकारी कार्यालय परिसर में भव्य ध्वजारोहण किया।
तिरंगे के सम्मान में उपस्थित सैकड़ों लोगों ने “वंदे मातरम्” और “भारत माता की जय” के नारों से वातावरण को देशभक्ति के रंग में रंग दिया।
विशाल तिरंगा यात्रा से गूंजा परसपुर
ध्वजारोहण के बाद विधायक अजय सिंह ने हजारों कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों के साथ भव्य तिरंगा यात्रा निकाली।
यह यात्रा पूरे क्षेत्र में देशभक्ति के गीतों, नारों और तिरंगे की लहराती शान के साथ गुज़री, जिसमें लोगों का उत्साह देखने लायक था।
इस यात्रा ने पूरे परसपुर को स्वतंत्रता दिवस के जोश और गर्व के रंग में रंग दिया।
स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्र निर्माण का संदेश
अपने संबोधन में अजय सिंह ने कहा कि यह दिन केवल जश्न का नहीं बल्कि आत्मचिंतन का भी है।
उन्होंने युवाओं से शिक्षा, कौशल और देशभक्ति के मार्ग पर चलते हुए राष्ट्र के उज्जवल भविष्य के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में देश और प्रदेश तेजी से प्रगति कर रहे हैं और वे स्वयं अपने क्षेत्र के विकास कार्यों को पूरी निष्ठा से आगे बढ़ा रहे हैं।
जनता से वादा और एकता की शपथ
विधायक ने भरोसा दिलाया कि हर कठिन समय में वे जनता के साथ खड़े रहेंगे और विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने देंगे।
कार्यक्रम में ब्लॉक प्रमुख, स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे।
अंत में सभी ने देश की एकता और अखंडता बनाए रखने की शपथ ली और स्वतंत्रता दिवस के उल्लासपूर्ण माहौल में कार्यक्रम का समापन हुआ।

📌 निष्कर्ष:
गोंडा के परसपुर में आयोजित यह कार्यक्रम न केवल स्वतंत्रता दिवस का उत्सव था, बल्कि यह देशभक्ति, एकता और विकास के संकल्प का प्रतीक बन गया।



