गोंडा: जिले के इटियाथोक कोतवाली क्षेत्र के हरैय्याझूमन गांव में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। गांव निवासी और पेशे से अधिवक्ता अनिरुद्ध द्विवेदी (55 वर्ष) के निधन के महज 24 घंटे बाद उनकी पत्नी उर्मिला दूबे ने भी दम तोड़ दिया। इस घटना से पूरे गांव में मातम पसर गया है और परिवार गहरे शोक में डूबा है।
मधुमेह से पीड़ित थे अधिवक्ता
जानकारी के अनुसार, अनिरुद्ध द्विवेदी करीब 25 वर्षों से गोंडा कचहरी में वकालत कर रहे थे। वे लंबे समय से मधुमेह से पीड़ित थे और दवा चल रही थी। शुक्रवार की दोपहर अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें इलाज के लिए इटियाथोक सीएचसी ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पत्नी ने सदमे में तोड़ा दम
शुक्रवार की शाम अंतिम संस्कार के लिए परिजन अयोध्या स्थित सरयू नदी के तट पर गए। देर रात घर लौटने के बाद उनकी पत्नी उर्मिला दूबे की तबीयत अचानक बिगड़ गई। पड़ोस के चिकित्सक से प्राथमिक इलाज कराने के बाद उन्हें घर लाया गया, लेकिन शनिवार की सुबह वे मृत अवस्था में बिस्तर पर मिलीं। परिजनों का कहना है कि पति की मौत का सदमा वे बर्दाश्त नहीं कर पाईं और हृदयगति रुकने से उनका निधन हो गया।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
अधिवक्ता अनिरुद्ध द्विवेदी के चार बेटे — राहुल, रोहित, मोहित और नाबालिग दुर्गेश दूबे हैं। इसके अलावा उनकी तीन बेटियां हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। मां-बाप के इस तरह अचानक चले जाने से बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
गांव में शोक की लहर
गांव और आसपास के क्षेत्र में इस घटना की चर्चा है। हर कोई इस दर्दनाक घटना से स्तब्ध है। लोग पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर ढांढस बंधा रहे हैं। गांव में गहरी शोक की लहर दौड़ गई है।
???? निष्कर्ष:
गोंडा का यह हादसा परिवार और समाज दोनों के लिए गहरा आघात है। पति-पत्नी का महज 24 घंटे के भीतर यूं चले जाना इस बात का उदाहरण है कि सच्चे रिश्ते में एक की जुदाई दूसरे के लिए असहनीय हो सकती है।



