गोंडा। महिला कल्याण विभाग के विशेष 10 दिवसीय जागरूकता अभियान के तहत गोंडा जिले में सामाजिक सुरक्षा और कानूनी जागरूकता का महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। अभियान के नौवें दिन, बेलसर ब्लॉक के विजयनगर स्थित महर्षि परशुराम इंटर कॉलेज में छात्राओं को पॉक्सो (Protection of Children from Sexual Offences) एक्ट की पूरी जानकारी दी गई।
📚 क्या है पॉक्सो एक्ट?
पॉक्सो एक्ट बच्चों के यौन शोषण से सुरक्षा प्रदान करने वाला एक महत्वपूर्ण कानून है। इसके अंतर्गत बच्चों की सुरक्षा के लिए कई सख्त प्रावधान हैं, ताकि उनका शोषण न हो और उनकी शिकायत पर उचित कार्रवाई हो सके। इस जागरूकता अभियान का उद्देश्य छात्राओं को उनके अधिकारों और सुरक्षा उपायों से अवगत कराना है।
🏫 महर्षि परशुराम कॉलेज में कार्यक्रम का आयोजन
महर्षि परशुराम इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में महिला कल्याण विभाग की टीम ने छात्राओं को पॉक्सो एक्ट से जुड़ी जरूरी बातें समझाई। छात्राओं को बताया गया कि वे किसी भी प्रकार के उत्पीड़न की स्थिति में कैसे अपनी शिकायत दर्ज करवा सकती हैं। साथ ही, उन्हें यह भी बताया गया कि सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई कौन-कौन सी योजनाएं उनकी सुरक्षा और कल्याण के लिए हैं।
विशेष रूप से साइबर सुरक्षा, हेल्पलाइन नंबर, महिला आयोग की भूमिका, निःशुल्क कानूनी सहायता और राहत केंद्रों की जानकारी दी गई। छात्राओं ने बड़ी उत्सुकता के साथ सवाल पूछे और अपनी शंकाएं दूर कीं।
🚀 महिला कल्याण विभाग का लक्ष्य
महिला कल्याण विभाग का उद्देश्य इस अभियान के जरिए समाज में महिलाओं और बच्चियों के प्रति उत्पीड़न रोकना और उन्हें सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है। विभाग के अधिकारी ने बताया कि छात्राओं को संवैधानिक अधिकारों से अवगत कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है।
📅 आगे की योजना
महिला कल्याण विभाग यह अभियान पूरे जिले के विभिन्न शिक्षा संस्थानों में चलाएगा, ताकि अधिक से अधिक छात्राएं इस जागरूकता से लाभान्वित हो सकें। अभियान के अंतिम दिन विभाग की ओर से व्यापक रिपोर्ट भी प्रस्तुत की जाएगी, जिससे योजना की प्रभावशीलता का आंकलन किया जा सके।
📌 निष्कर्ष:
महिला कल्याण विभाग द्वारा चलाया जा रहा पॉक्सो एक्ट जागरूकता अभियान समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास है। छात्राओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों और सरकारी योजनाओं से अवगत कराकर उन्हें सशक्त बनाने का यह कदम अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। आने वाले दिनों में इस तरह के और कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिससे हर छात्रा सुरक्षित और आत्मनिर्भर बन सके।

