गोंडा: जिले का स्वास्थ्य विभाग एक बार फिर सुर्खियों में है। यहां जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. जय गोविंदा और उप जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. जितेंद्र मिश्रा के खिलाफ शासन में की गई शिकायत ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस शिकायत में करनैलगंज विधायक अजय सिंह और मेहनौन विधायक विनय कुमार द्विवेदी के फर्जी लेटरपैड और जाली हस्ताक्षरों का इस्तेमाल किया गया।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ फर्जी पत्र
शिकायत पत्र जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, दोनों विधायकों ने सामने आकर इसे पूरी तरह फर्जी और मनगढ़ंत बताया। उनका कहना है कि किसी ने उनके लेटरपैड को स्कैन करके जाली हस्ताक्षर जोड़े और शासन को गलत जानकारी भेजी।
विधायक अजय सिंह ने कहा कि उनके नाम से तैयार किया गया यह पत्र फर्जी है और उन्होंने कभी भी शासन को ऐसी कोई शिकायत नहीं की। वहीं, विधायक विनय द्विवेदी ने भी स्पष्ट किया कि उन्होंने विधायक बनने के बाद कभी अंग्रेजी में हस्ताक्षर नहीं किए, जबकि शिकायत पत्र में अंग्रेजी सिग्नेचर किए गए हैं।

स्वास्थ्य विभाग में चल रहा विवाद
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब गोंडा स्वास्थ्य विभाग में पिछले दो महीने से जिला क्षय रोग अधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) के बीच लगातार विवाद चल रहा है।
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सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा ने उप जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. जितेंद्र मिश्रा का तबादला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रुपईडीह में कर दिया था।
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डॉ. मिश्रा ने इस आदेश के खिलाफ अपील की, जिसके बाद उप राज्य क्षय रोग अधिकारी ने उन्हें अपने पद पर बने रहने के निर्देश दिए।
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इसके बावजूद सीएमओ ने फिर से उनका ट्रांसफर आदेश जारी कर दिया।
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इस पर डॉ. मिश्रा ने लखनऊ हाई कोर्ट में याचिका दायर की है।
यानी विभाग में जारी “लेटर वॉर” के बीच अब फर्जी लेटरपैड से हुई शिकायत ने नया मोड़ ले लिया है।

विधायकों की कड़ी प्रतिक्रिया
विधायक विनय द्विवेदी ने कहा –
“यह शिकायत पूरी तरह झूठी है। मैंने न कभी ऐसी शिकायत की और न ही अंग्रेजी में हस्ताक्षर करता हूँ। यह मेरे खिलाफ षड्यंत्र है।”
वहीं, विधायक अजय सिंह ने भी बयान जारी करते हुए कहा –
“किसी ने मेरे लेटरपैड को स्कैन कर जाली हस्ताक्षर कर यह पत्र तैयार किया है। यह गंभीर साजिश है, जिसकी जांच होनी चाहिए।”
राजनीतिक साजिश की आशंका
फर्जी लेटरपैड से शिकायत के बाद यह मामला अब राजनीतिक रंग भी लेने लगा है। माना जा रहा है कि स्वास्थ्य विभाग के अंदर चल रहे विवाद को लेकर किसी ने अफसरों और विधायकों को कठघरे में खड़ा करने की कोशिश की है।

जांच की मांग
दोनों विधायकों ने शासन से फर्जी लेटरपैड प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।




