गोंडा। जिले में पुलिस ने दो ऐसी चोरी की सूचनाओं का पर्दाफाश किया है, जो पूरी तरह झूठी और भ्रामक निकलीं। दोनों मामले क्रमशः थाना वजीरगंज और थाना परसपुर क्षेत्र से सामने आए। पुलिस अधीक्षक (एसपी) गोंडा ने साफ चेतावनी दी है कि जो भी व्यक्ति झूठी या फर्जी सूचना देगा, उसके खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
पहला मामला – वजीरगंज क्षेत्र से झूठी सूचना
थाना वजीरगंज क्षेत्र की रहने वाली श्रीमती सुगराबानो पत्नी रमजान अली ने 18 सितम्बर को यूपी 112 पर सूचना दी कि 16 सितम्बर की रात चोरों ने घर में घुसकर गहने और नगदी चोरी कर लिए।
पुलिस टीम जब मौके पर पहुँची तो जांच के दौरान मामला संदिग्ध पाया गया। वादिनी के मोबाइल से मिली ऑडियो कॉल रिकॉर्डिंग में वह अपने पति से कह रही थी –
“तुम तनाव मत लेना, मैंने पैसे और गहने अपनी माँ को दे दिए हैं, और वे किसी दुकान से बदलवा लेंगी।”
रिकॉर्डिंग सामने आने के बाद पुलिस ने निष्कर्ष निकाला कि यह सूचना पूरी तरह फर्जी है। सुगराबानो के खिलाफ विधिक कार्यवाही की जा रही है।
दूसरा मामला – परसपुर क्षेत्र का विवाद
17 सितम्बर को परसपुर क्षेत्र में अरुण निषाद पुत्र देवी निषाद नामक युवक कुछ चांदी का सामान लेकर ज्वैलर्स की दुकान पर पहुँचा। जांच के दौरान ज्वैलर्स आकाश सोनी ने सामान नकली बताकर हंगामा कर दिया और अरुण को चोर बता दिया।
पुलिस मौके पर पहुँची और जांच में पाया कि यह चांदी का सामान वास्तव में शिव कुमार निषाद का है, जिसे अरुण ने लेकर गिरवी रखने की कोशिश की थी। बाद में दोनों पक्षों ने लिखित निवेदन देकर पुलिस कार्रवाई न करने का अनुरोध किया। अंततः सामान वापस कर दिया गया और मामला समाप्त हुआ।
पुलिस का संदेश और सख्त चेतावनी
पुलिस अधीक्षक गोंडा ने कहा कि –
-
झूठी सूचना सामाजिक व्यवस्था को बाधित करती है।
-
इससे पुलिस बल और अन्य संसाधनों का अनावश्यक दुरुपयोग होता है।
-
दोषियों पर छह माह से दो वर्ष तक की सजा और पाँच हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
उन्होंने जनता से अपील की है कि किसी भी घटना की सूचना देने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि अवश्य करें।
पुलिस की प्रतिबद्धता
गोंडा पुलिस ने आश्वस्त किया है कि जिले में शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पूरा विभाग कृतसंकल्पित है। किसी भी प्रकार की असत्य या भ्रामक सूचना को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।



