गोंडा। दीपावली से ठीक पहले जिले में मिलावटखोरी पर बड़ी कार्रवाई हुई। तरबगंज क्षेत्र के ग्राम अकौनी स्थित एक मिठाई की दुकान पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग (FSDA) की टीम ने एसडीएम विश्वमित्र सिंह के नेतृत्व में छापा मारा।
छापेमारी के दौरान दुकान से 5,970 किलो खराब छेना बरामद किया गया, जिसकी कीमत करीब ₹7.76 लाख बताई जा रही है। यह छेना चींटियों और कीड़ों से भरा हुआ था और पूरी तरह से मिलावटी एवं सड़ा-गला पाया गया। टीम ने दुकानदार की सहमति से मौके पर ही सारा माल नष्ट करा दिया।
महिला रोते हुए बोली – “साहब, छोड़ दीजिए…”
जांच के दौरान दुकान मालिक शिवचरण की पत्नी बिंदु मौके पर पहुंची और रोते हुए एसडीएम विश्वमित्र सिंह के पैर पकड़ने की कोशिश की।
वह बार-बार कह रही थी –
“साहब, छोड़ दीजिए, मेरे परिवार के लोग बर्बाद हो जाएंगे।”
एसडीएम के डांटने पर महिला ने पास खड़े पुलिसकर्मी के पैर पकड़ लिए और कार्रवाई रोकने की गुहार लगाने लगी। पुलिसकर्मियों ने किसी तरह महिला को शांत किया और मौके से हटाया।
इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
बिना लाइसेंस चला रहा था कारोबार
जांच में पता चला कि दुकानदार शिवचरण बिना फूड लाइसेंस के ही मिठाई और डेयरी उत्पादों का बड़ा कारोबार चला रहा था।
वह छेना और पनीर तैयार करके तरबगंज व गोंडा शहर के कई दुकानदारों को सप्लाई करता था।
टीम ने दुकान से पांच अलग-अलग खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए लैब भेजे हैं।
एसडीएम ने बताया कि यह छेना दीपावली पर मिठाई बनाने के लिए बड़ी मात्रा में बिक्री हेतु रखा गया था।
कार्रवाई में शामिल अधिकारी
कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. संजय सिंह, प्रमोद कुमार, संतोष कुमार, और अंकुर मिश्रा मौजूद रहे।
एसडीएम विश्वमित्र सिंह ने बताया –
“हमारी टीम ने 5,970 किलो खराब छेना बरामद किया है। यह पूरी तरह सड़ा-गला था और इसमें कीड़े-चींटियां रेंग रही थीं। दुकानदार बिना लाइसेंस कारोबार कर रहा था। शिकायत मिलने पर संयुक्त छापेमारी की गई। दुकानदार को चेतावनी दी गई है कि दोबारा बिना लाइसेंस व्यवसाय करने पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।”
खराब छेना को मौके पर नष्ट कराया गया
एसडीएम ने बताया कि दुकानदार की सहमति से पूरे 5,970 किलो छेना को मौके पर ही नष्ट कराया गया ताकि यह किसी भी रूप में बाजार में न पहुंच सके।
उन्होंने कहा कि यह कदम जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए आवश्यक था, क्योंकि यह छेना दीपावली जैसे त्योहार पर बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंच सकता था।

