गोंडा। उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में बुधवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। वजीरगंज थाना क्षेत्र के बनघुसरा गांव के पास गोंडा-अयोध्या मार्ग पर एक स्कूली वैन में अचानक भीषण आग लग गई। इस हादसे में वैन में सवार 10 बच्चों और ड्राइवर ने समय रहते कूदकर अपनी जान बचा ली।
हादसा उस वक्त हुआ जब बच्चे स्कूल से घर लौट रहे थे। घटना स्थल स्कूल से लगभग 100 मीटर की दूरी पर है।
???? गैस सिलेंडर से लीक हुई गैस बनी हादसे की वजह
जानकारी के अनुसार, ओमनी मारुति वैन बच्चों को स्कूल से घर ले जा रही थी। इसी दौरान वाहन से धुआं उठता देख ड्राइवर ने सूझबूझ दिखाते हुए बच्चों को तुरंत बाहर निकाला और खुद भी कूद गया। इसके बाद उसने वैन को सड़क के किनारे खड़ा कर दिया। कुछ ही क्षणों में आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरी वैन जलकर खाक हो गई।
स्थानीय लोगों ने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी। मौके पर पहुंची टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक वाहन पूरी तरह जल चुका था।
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि वैन में रखा गैस सिलेंडर लीक हो रहा था, जिसके कारण यह हादसा हुआ।
⚠️ स्कूली वैन का रजिस्ट्रेशन समाप्त, स्कूल पर उठे सवाल
सूत्रों के मुताबिक, जिस वैन में यह हादसा हुआ उसका रजिस्ट्रेशन समाप्त हो चुका था। इसके बावजूद सेंट जोसेफ स्कूल प्रशासन द्वारा वैन का संचालन किया जा रहा था। स्कूल प्रबंधन ने नियमों को दरकिनार करते हुए इस वाहन से बच्चों को लाने-ले जाने का काम जारी रखा हुआ था।
????️ पुलिस और परिवहन विभाग की जांच शुरू
वजीरगंज थाना अध्यक्ष ने बताया कि,
“सभी बच्चे सुरक्षित हैं। ड्राइवर की सतर्कता से बड़ी दुर्घटना टल गई। वाहन में आग कैसे लगी, इसकी जांच की जा रही है।”
वहीं एआरटीओ गोंडा आर.सी. भारती ने कहा—
“हमें इस घटना की जानकारी मिली है। मामले की जांच की जा रही है। अगर वाहन का रजिस्ट्रेशन समाप्त था या स्कूल नियमों का उल्लंघन कर रहा था, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बच्चों के परिवहन के लिए केवल प्रमाणित स्कूल वाहनों को ही अनुमति दी जाती है।
???? स्थानीय लोगों की तत्परता से बची बड़ी त्रासदी
घटना के दौरान ग्रामीणों ने भी मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में मदद की। आग की लपटें तेज होने के बावजूद उन्होंने बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। फायर ब्रिगेड की त्वरित कार्रवाई से आग को फैलने से रोक लिया गया।



