गोंडा में रिश्वतखोरी कांड: डीसी पर बर्खास्तगी की कार्रवाई शुरू, गिरफ्तारी की तलवार लटकी

गोंडा। जिला बेसिक शिक्षा विभाग में रिश्वतखोरी के आरोपों से घिरे जिला समन्वयक (निर्माण) विद्याभूषण मिश्रा और जिला समन्वयक (जेम पोर्टल) प्रेम शंकर मिश्रा की मुश्किलें अब बढ़ गई हैं।
शासन स्तर से बीएसए अतुल कुमार तिवारी पर कार्रवाई के बाद, अब शिक्षा विभाग ने इन दोनों जिला समन्वयकों की बर्खास्तगी की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

पुलिस जांच भी तेज हो गई है, और इस सिलसिले में दोनों अधिकारियों की गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है।


⚖️ ड्यूटी से गायब दोनों अधिकारी, शिक्षा कार्यालय में सन्नाटा

सूत्रों के अनुसार, पुलिस और विभागीय कार्रवाई की जानकारी मिलते ही दोनों आरोपी अधिकारी लगातार ड्यूटी से अनुपस्थित चल रहे हैं।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) कार्यालय में सन्नाटा पसरा हुआ है, जिससे शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों के कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

प्रभारी बीएसए रामखेलावन सिंह ने बताया कि शासन के निर्देश पर विभागीय स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि नए बीएसए के आने तक वह अंतरिम प्रभारी के रूप में कार्य संभालेंगे।


????‍♂️ पुलिस जांच में कई नए एंगल — बैंक ट्रांजैक्शन और डीडी वापसी पर फोकस

सीओ नगर आनंद राय ने बताया कि दोनों अधिकारियों को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया है।
पुलिस टीम उनके बैंक खातों में संदिग्ध लेनदेन की जांच कर रही है।

इसके साथ ही पुलिस यह भी जांच कर रही है कि

“टेंडर प्रक्रिया पूरी होने से पहले मनोज कुमार पांडेय को डीडी (डिमांड ड्राफ्ट) किस परिस्थिति में वापस किया गया?”

आम तौर पर टेंडर प्रक्रिया समाप्त होने के बाद ही डीडी वापस की जाती है, ऐसे में इस घटना को प्रक्रिया का उल्लंघन माना जा रहा है।


???? जिलाधिकारी की जांच में आरोप साबित

जिलाधिकारी द्वारा सीडीओ (मुख्य विकास अधिकारी) के माध्यम से कराई गई प्रारंभिक जांच में भी रिश्वतखोरी के आरोपों की पुष्टि हुई है।
इस रिपोर्ट के बाद शासन ने तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके तहत विभाग ने दोनों समन्वयकों की बर्खास्तगी की प्रक्रिया शुरू कर दी है।


???? प्रभारी बीएसए बोले — दोषियों पर सख्त कार्रवाई तय

प्रभारी बीएसए रामखेलावन सिंह ने कहा,

“शासन के निर्देशानुसार जिला स्तर पर कार्रवाई शुरू हो चुकी है। पुलिस जांच में पूरा सहयोग किया जाएगा। जो भी अधिकारी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।”

उन्होंने यह भी बताया कि दोनों अधिकारियों के अनुपस्थित रहने के कारणों की जानकारी ली जा रही है और आवश्यक रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है।


???? शिक्षा विभाग की साख पर असर

गोंडा जिले के बेसिक शिक्षा विभाग में रिश्वतखोरी का यह मामला शिक्षा तंत्र की साख पर गहरा सवाल खड़ा कर रहा है।
जहां एक ओर सरकार पारदर्शिता और ई-टेंडरिंग की प्रक्रिया पर जोर दे रही है, वहीं विभागीय अधिकारी घूसखोरी और नियमों की अनदेखी में लिप्त पाए जा रहे हैं।

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