गोंडा। गोंडा जिले की बजाज हिंदुस्थान शुगर लिमिटेड, कुंदुरखी इकाई पर गन्ना किसानों का ₹109 करोड़ रुपये बकाया है।
नए पेराई सत्र 2024-25 की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन किसानों को पिछले सत्र का भुगतान अभी तक नहीं मिला है।
इस देरी से किसानों को गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।
???? किसानों का बकाया 109 करोड़, जून में दर्ज हुआ था मुकदमा
किसानों के लगातार विरोध और मांगों के बाद जून 2024 में जिलाधिकारी के आदेश पर मिल के कई अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज किया गया था।
इसके बावजूद बकाया राशि का भुगतान पूरा नहीं हुआ।
किसानों ने अब नए पेराई सत्र को रोकने की चेतावनी दी है।
किसान नेता शिवराम उपाध्याय ने कहा—
“कुंदुरखी चीनी मिल किसानों के साथ तानाशाही कर रही है। दो-दो साल बीत जाते हैं, लेकिन भुगतान नहीं होता। अब जिला स्तर पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।”
???? “भुगतान के बिना नहीं शुरू होने देंगे पेराई सत्र”
अवध केसरी सेना के प्रमुख नीरज सिंह ठाकुर ने मिल प्रबंधन पर किसानों का शोषण करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि जब तक गन्ना किसानों का पूरा बकाया भुगतान नहीं होता,
“नए पेराई सत्र की शुरुआत नहीं होने दी जाएगी।”
उन्होंने बताया कि प्रदेश की अन्य चीनी मिलें गन्ना बेचने के कुछ ही दिनों में भुगतान कर देती हैं,
लेकिन कुंदुरखी मिल में भुगतान में 2 से 3 साल तक की देरी होती है।
????️ प्रशासन ने दिए निर्देश — नहीं हुआ भुगतान तो होगी कार्रवाई
गोंडा के जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि मिल प्रबंधन को बकाया भुगतान शीघ्र करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भुगतान नहीं हुआ तो
“मिल के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
अधिकारी ने किसानों की परेशानी को स्वीकार करते हुए कहा कि
“हम किसानों को उनके हक का पैसा दिलाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।”
???? किसानों पर बढ़ा आर्थिक दबाव
गन्ना किसानों का कहना है कि बकाया भुगतान न होने के कारण
उन्हें नई फसल की बुवाई, खाद-बीज खरीदने और मजदूरी देने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कई किसानों ने बताया कि बैंक और साहूकारों से लिए गए कर्ज का ब्याज लगातार बढ़ रहा है।



