गोंडा: जिले के धानेपुर थाना क्षेत्र में दो दिन पहले मिली 30 वर्षीय अधजली महिला की लाश की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। 48 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला, जबकि खोज और जांच में पुलिस की चार टीमें लगातार लगी हैं।
20 गांवों में घर-घर जाकर तलाश
धानेपुर पुलिस और गठित चार टीमों ने अब तक 20 गांवों में लोगों से घर-घर जाकर पूछताछ की है, ताकि यह पता चल सके कि कहीं किसी घर की महिला लापता तो नहीं है। अभी तक किसी भी गांव से किसी महिला की गुमशुदगी की पुष्टि नहीं हुई।
50 से अधिक CCTV कैमरों की जांच, फिर भी नहीं मिला सुराग
पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों से लेकर गोंडा–बलरामपुर बॉर्डर तक 50 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली, लेकिन कोई ऐसा व्यक्ति या वाहन फुटेज में नहीं मिला जो इस घटना से जुड़ा हो सकता है।
सीसीटीवी का कोई क्लू न मिलना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
अधजली बॉडी के कारण पहचान मुश्किल
महिला की बॉडी अधजली हालत में थी, जिसमें—
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आधा हाथ,
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आधा पैर,
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और सिर का हिस्सा
काफी क्षतिग्रस्त था।
इसी वजह से पहचान करना बेहद कठिन हो रहा है। मौके पर कई बार सर्च ऑपरेशन चलाया गया, लेकिन शरीर का कोई और हिस्सा बरामद नहीं हुआ।
एसपी ने मौके का निरीक्षण किया
घटना की गंभीरता देखते हुए गोंडा पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने खुद घटनास्थल पहुंचकर निरीक्षण किया।
पुलिस टीमों ने गोंडा–बलरामपुर सीमा के गांवों में भी लोगों से पूछताछ की कि कहीं उनके घर की कोई महिला तो गायब नहीं।
अपर पुलिस अधीक्षक का बयान
अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) मनोज कुमार रावत ने बताया—
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महिला की पहचान के लिए चार टीमें तैनात की गई हैं।
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घटना स्थल पर विस्तृत सर्च अभियान चलाया गया था।
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अभी तक कोई अतिरिक्त अंग या सामान नहीं मिला है।
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जल्द ही महिला की पहचान कर मामले का खुलासा किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि शव की स्थिति के कारण पहचान बेहद चुनौतीपूर्ण हो रही है।



