बृजभूषण शरण सिंह का बड़ा दावा– ओवैसी के पूर्वज थे ब्राह्मण, गोंडा में कहा 80% भारतीय मुस्लिमों के पूर्वज हिंदू

गोंडा। कैसरगंज से पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने गोंडा में एक निजी कार्यक्रम के दौरान कई बड़े और विवादित बयान दिए। वे हेलिकॉप्टर से गोंडा मुख्यालय पहुंचे और कार्यक्रम में शामिल होने के बाद संसद में ‘वंदे मातरम्’ पर चल रही चर्चा के बीच कांग्रेस पार्टी और विपक्षी नेताओं पर जमकर निशाना साधा।

बृजभूषण शरण सिंह ने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर भारत में ‘वंदे मातरम्’ नहीं गाया जाएगा, तो क्या इसे पाकिस्तान या अफगानिस्तान में गाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में कभी भी भारत के गीत नहीं गाए जाते, फिर देश के भीतर ही इस पर सवाल क्यों खड़े किए जा रहे हैं।

उन्होंने पंडित जवाहरलाल नेहरू का जिक्र करते हुए कहा कि ‘वंदे मातरम्’ का पहला विरोध उन्हीं के समय से शुरू हुआ। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि आज भी पार्टी उन मुद्दों को उठाती है, जो स्वयं उसके लिए घाव और दर्द का कारण बने हुए हैं। बृजभूषण ने कहा कि कांग्रेस देश का ध्यान फिर से उन्हीं मुद्दों पर ले जाना चाहती है, जिनसे उसकी दुर्गति हुई।

पूर्व सांसद ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ वही गीत है, जिसकी भावना से प्रेरित होकर स्वतंत्रता संग्राम की लड़ाई लड़ी गई थी। उन्होंने दावा किया कि उस आंदोलन में बड़ी संख्या में मुस्लिम भी शामिल थे और तब किसी को ‘वंदे मातरम्’ कहने या गाने में आपत्ति नहीं थी। उन्होंने मोहम्मद अली जिन्ना का उल्लेख करते हुए कहा कि बाद में कुछ राजनीतिक सवाल खड़े किए गए, जिससे देश का विभाजन हुआ।

उन्होंने दावा किया कि आज भारत में रहने वाले करीब 80 प्रतिशत मुसलमानों के पूर्वज हिंदू थे और उनके दिलों में आज भी ‘वंदे मातरम्’ के प्रति सम्मान है। उन्होंने कहा कि कुछ गिने-चुने लोग पूरे समाज की तरफ से बोलने लगते हैं, जबकि इसके लिए कोई सर्वे या प्रमाण नहीं है। उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि उन्हें किसी ने पूरे समाज का प्रवक्ता बनने का अधिकार नहीं दिया है।

इसके साथ ही बृजभूषण शरण सिंह ने ‘कल्कि धाम’ को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि एक बहुत ही सुंदर कल्कि भगवान का मंदिर बनाया जा रहा है, जिसका शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर चुके हैं और प्रमोद कृष्णन इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने धार्मिक मान्यताओं का जिक्र करते हुए कहा कि जैसे भगवान राम के अवतार के समय अयोध्या और भगवान कृष्ण के समय मथुरा-वृंदावन का महत्व रहा, वैसे ही कलयुग में कल्कि धाम का विशेष महत्व होगा।

ओवैसी पर बयान को लेकर पूछे गए सवाल पर बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि उनके पूर्वज हिंदू, यहां तक कि ब्राह्मण थे। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान बयान आज के संदर्भ में हैं और पूर्वजों का संदर्भ ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के रूप में दिया गया था।

गोंडा में दिए गए बृजभूषण शरण सिंह के बयानों से एक बार फिर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। वंदे मातरम्, कांग्रेस, मुस्लिम समाज, कल्कि धाम और ओवैसी को लेकर दिए गए बयान आने वाले दिनों में राजनीतिक और सामाजिक बहस को और तेज कर सकते हैं।

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