परसपुर/गोण्डा। थाना परसपुर क्षेत्र के विशुनपुर कला–मां वाराही देवी मार्ग पर सोमवार को मिली युवक अमन मिश्र की संदिग्ध मौत ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। हैरानी की बात यह है कि परिवार से पहले पुलिस घटनास्थल पर पहुंच गई थी, फिर भी शव को उचित प्रक्रिया से उठाने और कार्रवाई शुरू करने में पुलिस ने काफी देर कर दी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पुलिस समय रहते मजबूत कदम उठाती, तो शव को खेत में लगभग दस घंटे तक पड़े रहने की नौबत नहीं आती।

ग्रामीणों का सवाल — “जब पुलिस पहले पहुंची, तो कार्रवाई देर से क्यों?”
ग्रामीणों और परिजनों का कहना है कि पुलिस की मौजूदगी के बावजूद बिना मुकदमा दर्ज किए शव नहीं उठाया गया।
लोगों का आरोप है कि पुलिस ने पहले मामले को दुर्घटना बताकर दबाने की कोशिश की और एफआईआर दर्ज करने में अनावश्यक देरी की।
ग्रामीणों ने कड़े शब्दों में कहा—
“परिवार से पहले पुलिस पहुंची, फिर भी आरोपी भाग गए… ये लापरवाही नहीं तो क्या है?”
इस नाराजगी के बाद ही परिजनों ने मार्ग जाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू किया।
तहरीर में हत्या का आरोप, दबाव के बाद दर्ज हुआ मुकदमा
मृतक के भाई करण मिश्र ने तहरीर में साफ लिखा कि यह एक सोची-समझी हत्या है।
अमन सुबह काम के सिलसिले से गए थे और लौटते समय रास्ते में उनकी हत्या कर शव को खेत में फेंक दिया गया। बाइक सड़क की दूसरी ओर पड़ी मिली, बाइक में जरा सा भी खरोच नहीं, जबकि शव लगभग दस मीटर दूर खेत में था, साक्ष्य मिटाने की पूरी कोशिश की गयी,
इन परिस्थितियों ने दुर्घटना की थ्योरी पर सवाल खड़े कर दिए।

परिजनों और ग्रामीणों के बढ़ते दबाव के बाद पुलिस को मजबूरन मुकदमा दर्ज करना पड़ा।
मुख्य आरोपी गिरफ्तार, दो संदिग्ध अब भी फरार
पुलिस ने ग्राम पैगवापुर चंगेरी निवासी रवि प्रकाश उर्फ गुड्डू सिंह को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन दो अज्ञात आरोपी अब भी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि अगर पुलिस पहले से चौकन्नी रहती, तो सभी आरोपी मौके से फरार नहीं होते।
क्षेत्र में तनाव बना हुआ है, जिसके चलते अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
परिवार का दर्द — सात महीने पहले हुई शादी, पत्नी गर्भवती
अमन मिश्र की शादी मई 2025 में हुई थी और उनकी पत्नी पूर्णिमा गर्भवती हैं।
मां कुसुम देवी, पत्नी और परिवार के अन्य सदस्य घटना के बाद से बेहाल हैं। ग्रामीणों ने कहा कि पुलिस की ढिलाई ने परिवार के घाव और गहरे कर दिए।

तीसरे दिन हुआ अंतिम संस्कार — भारी पुलिस मौजूदगी
लगातार विरोध, देरी और तनाव के बीच अमन मिश्र का अंतिम संस्कार तीसरे दिन किया गया।
अंतिम संस्कार में गांव और आसपास के क्षेत्रों से भारी संख्या में लोग पहुंचे। कई ग्रामीणों ने कहा कि यदि पुलिस तुरंत और गंभीरता से कदम उठाती तो परिवार को तीन दिन तक इंतजार नहीं करना पड़ता।

जांच जारी — पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद बढ़ सकती हैं धाराएं
पुलिस ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद धाराओं में वृद्धि की जा सकती है।
हालांकि ग्रामीण अभी भी पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।मृतक के पिता रिटायर्ड आर्मी गोरखनाथ मिश्रा ने रोते बिलखते हुए कहा है अगर कार्यवाही में लापरवाही हुई तो वो थाने के सामने आत्मदाह करेंगे, अगर एक फ़ौजी को ही न्याय ना मिले तो जीना बेकार है।



