सीएमओ कार्यालय का बाबू ₹5 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, एंटी करप्शन ने की बड़ी कार्रवाई

गोंडा: जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त अभियान के तहत एंटी करप्शन देवीपाटन मंडल की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय में तैनात वरिष्ठ सहायक शशिकांत सिंह को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

आरोप है कि शशिकांत सिंह चिकित्सा प्रतिपूर्ति (मेडिकल रीइम्बर्समेंट) भुगतान के नाम पर घूस मांग रहे थे। इस मामले की शिकायत बहराइच जिले के आदमपुर गांव निवासी आशीष पांडे ने की थी।


कैसे सामने आया मामला

शिकायतकर्ता आशीष पांडे के मुताबिक, उनके पिता अंगद प्रसाद पांडे का इलाज खर्च लगभग ₹51,102 का था, जिसकी प्रतिपूर्ति फाइल कार्यालय में लंबित थी। इसे पास कराने के लिए वरिष्ठ सहायक शशिकांत सिंह लगातार ₹5,000 रिश्वत की मांग कर रहे थे।

इससे परेशान होकर आशीष पांडे ने देवीपाटन मंडल एंटी करप्शन थाने में शिकायत दर्ज कराई।


एंटी करप्शन की ट्रैप कार्रवाई

शिकायत के सत्यापन के बाद एंटी करप्शन टीम ने जाल बिछाया। तय योजना के तहत जैसे ही शशिकांत सिंह ने पीड़ित से ₹5,000 की रकम ली, टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथ पकड़ लिया।

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को देहात कोतवाली, गोंडा ले जाया गया, जहां भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।


पूछताछ जारी, विभागीय जांच के भी आसार

एंटी करप्शन थाना प्रभारी राज किशोर यादव ने बताया कि आरोपी और शिकायतकर्ता से पूछताछ जारी है। शशिकांत सिंह मूल रूप से बलिया जिले के सहतवार गांव का निवासी है और वर्ष 1996 में उसकी नियुक्ति स्वास्थ्य विभाग में हुई थी।

मामले की विस्तृत जांच जारी है और आगे विभागीय कार्रवाई भी संभावित है।


निष्कर्ष:

सीएमओ कार्यालय में हुआ यह रिश्वतखोरी का खुलासा सरकारी दफ्तरों में जारी भ्रष्टाचार की सच्चाई को उजागर करता है। एंटी करप्शन की त्वरित कार्रवाई से साफ है कि अब ऐसे मामलों में सख्ती बढ़ाई जा रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top