लखनऊ : के बख्शी का तालाब थाना क्षेत्र स्थित मवई खातरी गांव में शनिवार को उस समय हालात बिगड़ गए जब बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्ति ग्राम समाज की जमीन पर बिना अनुमति स्थापित कर दी गई।
इस पर गांव के एक पक्ष ने विरोध किया और देखते ही देखते सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए। नारेबाजी, धरना और प्रदर्शन शुरू हो गया।
पुलिस को समझाना पड़ा महंगा, हुआ भीषण पथराव
पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने उल्टा पुलिस पर ही पथराव शुरू कर दिया।
इस पथराव में महिला इंस्पेक्टर मेनका सिंह समेत 6 पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए।
पुलिस को हालात काबू करने के लिए 5 राउंड आंसू गैस के गोले दागने पड़े।
घायलों में शामिल ये पुलिसकर्मी:
-
महिला इंस्पेक्टर मेनका सिंह
-
महिंगवा थाने के दरोगा रामेंद्र सिंह
-
हेड कांस्टेबल जय प्रकाश
-
कांस्टेबल लाल मोहम्मद
-
नगुवामऊ चौकी प्रभारी शेष मणि
-
एलआईयू प्रभारी सिद्धेश वर्मा
इन सभी को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है।
विवाद की जड़: ग्राम समाज की ज़मीन पर मूर्ति स्थापना
गांव के ही प्राथमिक विद्यालय के सामने 3 दिन पहले रात में अंबेडकर प्रतिमा रख दी गई। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान ने बिना अनुमति मूर्ति रखवाई, और न ही किसी से राय ली।
यह जमीन पहले हाट-बाजार और वैवाहिक आयोजनों के लिए इस्तेमाल होती थी।
सैकड़ों ग्रामीण सड़कों पर उतरे, मांग की मूर्ति हटाने की
घटना के विरोध में महिलाएं, बुजुर्ग और युवा पहाड़पुर चौराहा पहुंच गए।
सड़क जाम कर धरना और नारेबाजी शुरू कर दी। ग्रामीणों की मांग थी कि मूर्ति हटाई जाए और दोषियों पर कार्रवाई हो।
प्रशासन की कोशिशें नाकाम, गुस्से में ग्रामीणों ने किया हमला
घटना की सूचना मिलते ही मौके पर
-
BKT SDM सतीश चंद्र त्रिपाठी
-
इटौंजा, मड़ियांव, महिंगवा और महिला थानों की पुलिस
-
PAC बल भी
तैनात किए गए।
लेकिन प्रशासन की अपील का कोई असर नहीं हुआ और भीड़ ने भीषण पथराव शुरू कर दिया।
एकपक्षीय कार्रवाई का आरोप, प्रधान प्रतिनिधि हिरासत में
पुलिस ने गांव के प्रधान प्रतिनिधि को हिरासत में लिया, जिसके बाद ग्रामीण और भड़क गए।
उनका आरोप है कि प्रशासन एकपक्षीय कार्रवाई कर रहा है।
इलाके में फिलहाल भारी पुलिस फोर्स और PAC तैनात कर दी गई है।
निष्कर्ष:
लखनऊ में एक बार फिर धार्मिक और सामाजिक प्रतीकों को लेकर हुआ विवाद बेकाबू हो गया।
बिना अनुमति स्थापित मूर्ति के कारण उठा यह विवाद अब कानून-व्यवस्था की गंभीर चुनौती बन गया है।
प्रशासन को अब दोनों पक्षों के साथ संवाद कर समाधान निकालना होगा, ताकि दोबारा ऐसा बवाल न हो।



