उत्तर प्रदेश : के आगरा शहर में शनिवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई जब करणी सेना के कार्यकर्ता और पुलिस आमने-सामने आ गए। राणा सांगा जयंती और रक्त स्वाभिमान सम्मेलन के अवसर पर करीब 80 हजार कार्यकर्ता आगरा में एकत्र हुए, जिसमें उत्तर प्रदेश के अलावा हरियाणा, राजस्थान और गुजरात से भी बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
कार्यकर्ताओं ने लहराईं तलवारें, किया उग्र प्रदर्शन
इस दौरान कुछ करणी सेना कार्यकर्ताओं ने तलवारें लहराकर शक्ति प्रदर्शन किया, जिससे मौके पर मौजूद पुलिस प्रशासन की चिंता बढ़ गई। पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए भारी सुरक्षा बल तैनात किया, लेकिन प्रदर्शनकारी सपा सांसद रामजी सुमन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनके घर की ओर कूच करने की कोशिश करने लगे।
ओकेंद्र राणा की खुली चुनौती
करणी सेना नेता ओकेंद्र राणा ने मंच से कहा,
“हम रामजी सुमन के घर जाएंगे, ये हमारा हक है। जो हमारी अस्मिता का अपमान करेगा, उसे जवाब मिलेगा।”
ओकेंद्र राणा के इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है।
सांसद के घर को बनाया गया छावनी
पुलिस ने सपा सांसद रामजी सुमन के आवास को छावनी में तब्दील कर दिया है। सुरक्षा के भारी इंतजाम, RAF और PAC की तैनाती कर दी गई है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। पुलिस सूत्रों के मुताबिक,
“स्थिति को नियंत्रण में रखा गया है लेकिन सतर्कता पूरी तरह बरती जा रही है।”
क्या है पूरा विवाद?
हाल ही में रामजी सुमन द्वारा दिए गए एक कथित बयान को लेकर राजपूत समुदाय और करणी सेना में नाराजगी है। करणी सेना का आरोप है कि सपा सांसद ने राणा सांगा और राजपूत गौरव पर अपमानजनक टिप्पणी की, जिसे लेकर विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है।
आयोजन स्थल बना राजपूत स्वाभिमान का प्रतीक
रक्त स्वाभिमान सम्मेलन के दौरान राजपूत वीरता, गौरव और इतिहास को लेकर कई वक्ताओं ने संबोधन दिया। मंच से राजपूताना परंपरा और आत्मसम्मान को लेकर जोरदार बातें रखी गईं।
निष्कर्ष:
आगरा में करणी सेना का शक्ति प्रदर्शन सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर एक बड़ा संदेश देने की कोशिश है। तलवारें लहराना और सांसद के घर जाने की चेतावनी ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। स्थिति अभी नियंत्रण में है, लेकिन माहौल को देखते हुए अगले कुछ दिनों तक विशेष निगरानी की आवश्यकता है।



