रेलवे स्लीपर चोरी कांड का खुलासा: कानपुर में FCI के ट्रैक पर बिछाए जा रहे थे चोरी के स्लीपर, चार आरोपी गिरफ्तार

लखनऊ/कानपुर :
रेलवे की संपत्ति की सुरक्षा में लगी लखनऊ RPF क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए रेलवे स्लीपर चोरी कांड का पर्दाफाश किया है। खुलासा हुआ है कि रेलवे से चोरी किए गए स्लीपर कानपुर में फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (FCI) द्वारा बनाए जा रहे नए ट्रैक पर गैरकानूनी रूप से इस्तेमाल किए जा रहे थे।


???? 255 स्लीपर बरामद, 8.16 लाख की कीमत

RPF टीम ने कानपुर में छापेमारी कर दो ट्रक जब्त किए हैं जिनमें कुल 255 रेलवे स्लीपर लदे हुए थे। इन स्लीपरों की अनुमानित कीमत 8 लाख 16 हजार रुपये बताई जा रही है।


???? चार आरोपी गिरफ्तार, रैकेट का खुलासा

आरपीएफ अधिकारियों ने इस सिलसिले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में पता चला कि यह संगठित चोरी का गिरोह है जो रेलवे की पुरानी पटरियों और गोदामों से स्लीपर चुराकर निजी ठेकों में इस्तेमाल कराता है।

गिरफ्तार लोगों की पहचान छिपाई गई है लेकिन प्राथमिक जांच में इनके संबंध रेलवे विभाग से जुड़े कुछ कर्मचारियों से भी होने की बात सामने आई है।


????️ FCI ट्रैक का ठेका बना संदेह का केंद्र

FCI ट्रैक के जिस निर्माण स्थल पर ये चोरी के स्लीपर बिछाए जा रहे थे, उस प्रोजेक्ट के ठेकेदार से भी पूछताछ की जा रही है। आरपीएफ सूत्रों के अनुसार, निर्माण स्थल पर किसी प्रकार का रेलवे विभाग का वैध अप्रूवल नहीं मिला है, जिससे यह शक और गहरा हो गया है कि कहीं यह बड़ा घोटाला तो नहीं?


???? RPF कमांडेंट का बयान

लखनऊ RPF क्राइम ब्रांच के कमांडेंट ने प्रेस को बताया:

“हमें गुप्त सूचना मिली थी कि रेलवे की संपत्ति को चोरी कर कानपुर में निजी निर्माण में लगाया जा रहा है। त्वरित कार्रवाई कर हमने इसे पकड़ लिया। मामले में और भी गिरफ्तारी संभावित है।”


⚖️ IPC की कई धाराओं में केस दर्ज, नेटवर्क की तलाश जारी

चारों आरोपियों के खिलाफ रेलवे एक्ट और भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 379 (चोरी), 411 (चोरी की संपत्ति छिपाना), और 120B (साजिश) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

RPF की टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में कौन-कौन शामिल है, और रेलवे के अंदरूनी सूत्रों की क्या भूमिका रही।


???? क्या है रेलवे स्लीपर?

रेलवे स्लीपर वे मजबूत कंक्रीट/लकड़ी के आधार होते हैं जिन पर रेल की पटरियां टिकी होती हैं। इनका सही और सुरक्षित इस्तेमाल ट्रेनों की स्थिरता और सुरक्षा के लिए अत्यंत जरूरी होता है।

चोरी के या पुराने स्लीपरों का गलत जगह इस्तेमाल भविष्य में दुर्घटनाओं का कारण बन सकता है।


???? तस्वीरें और वीडियो भी सामने आए

RPF टीम द्वारा जब्त किए गए ट्रकों की तस्वीरें और वीडियो फुटेज भी जारी किए गए हैं, जिसमें चोरी के स्लीपर और उनका गैरकानूनी उपयोग साफ दिखाई दे रहा है।

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