लखनऊ : स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की डालीगंज, हसनगंज शाखा में एक करोड़ रुपये से अधिक के लोन घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। बैंक अधिकारियों और बिचौलियों की मिलीभगत से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 11 खाताधारकों को लोन स्वीकृत किया गया। अब इस मामले में कुल 17 लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है।
???? क्या है पूरा मामला?
15 जुलाई 2023 से 30 जनवरी 2024 के बीच SBI डालीगंज शाखा में 11 लोगों को एक्सप्रेस क्रेडिट लोन पास किया गया। इस अवधि में शाखा के कारोबार में असामान्य बढ़ोतरी देखी गई, जिससे शक हुआ। जांच में सामने आया कि इन सभी लोन खातों में फर्जी वेतन पर्ची, केवाईसी दस्तावेज और जन्म प्रमाण पत्र लगाए गए थे।
????♂️ FIR में कौन-कौन नामजद?
???????? आरोपी लोन धारक:
-
गब्बर
-
श्रीमती कुसुमा
-
गोपाल सिंह
-
विनय कुमार
-
सुमित कुमार
-
धर्मपाल
-
विजय कुमार
-
अकील
-
राम गोपालउदयवीर सिंह
-
अब्दुल हाफिज
????️ आरोपी बिचौलिए:
-
सर्वेश कुमार
-
सुमित कुमार
-
डाली सिंह (अंबेडकरनगर निवासी)
???? बैंक अधिकारी:
-
संजीव त्रिपाठी (तत्कालीन शाखा प्रबंधक)
-
अमृता चटर्जी (फील्ड ऑफिसर)
-
अमित जैन (मैनेजर बैंकिंग ऑपरेशन)
⚠️ कई स्तरों पर की गई धांधली
मैनेजर बैंकिंग ऑपरेशन अमित जैन पर आरोप है कि उन्होंने बैंक से जुड़ी गोपनीय आईडी और पासवर्ड बिचौलियों को सौंपे, जिससे बैंक की साइबर सुरक्षा भंग हुई। वहीं, शाखा प्रबंधक और फील्ड ऑफिसर ने दस्तावेजों का सही मूल्यांकन किए बिना लोन स्वीकृत कर दिया।
???? बैंक की ओर से शिकायत
SBI के क्षेत्रीय प्रबंधक विपिन सिंह ने विस्तृत जांच के बाद पुलिस आयुक्त को शिकायत भेजी, जिसके आधार पर हसनगंज थाने में केस दर्ज किया गया। मामला अब पुलिस के क्राइम ब्रांच के पास है, जहां साक्ष्य और बैंक डेटा के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
❗ निष्कर्ष
यह मामला बैंकिंग प्रणाली की कमजोर निगरानी और कर्मचारियों की मिलीभगत से हुए एक बड़े फर्जीवाड़े को उजागर करता है। जरूरत है कि ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई और डिजिटल सुरक्षा प्रणाली को मजबूत किया जाए, ताकि भविष्य में आम जनता की मेहनत की कमाई सुरक्षित रहे।



