आगरा : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को आगरा में आयोजित भीमनगरी समारोह में पश्चिम बंगाल में हो रहे दंगों को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि “ममता दीदी को दंगाई शांतिदूत दिखाई दे रहे हैं। इनका इंतजाम सिर्फ डंडे से ही हो सकता है।”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में दलितों और गरीब हिंदुओं के घर जलाए जा रहे हैं, और कांग्रेस व सपा जैसे दल इस पर मौन साधे बैठे हैं।
📍 भीमनगरी समारोह में घोषणाएं और संकल्प
आगरा के आवास विकास कॉलोनी, सेक्टर-11 में आयोजित तीन दिवसीय भीमनगरी महोत्सव के उद्घाटन समारोह में बोलते हुए योगी आदित्यनाथ ने कई बड़ी घोषणाएं कीं:
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लखनऊ की तर्ज पर आगरा में डॉ. बीआर आंबेडकर शोध केंद्र की स्थापना होगी, जिसमें विदेश, अर्थशास्त्र और समाज नीति पर शोध होंगे।
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शोध केंद्र के साथ छात्रावास और छात्रवृत्ति की व्यवस्था भी की जाएगी।
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बुद्ध विहार (चक्कीपाट) को राजकीय भवन घोषित करने पर सहमति जताई।
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सरकार की “जीरो पावर्टी योजना” को अब डॉ. आंबेडकर योजना के नाम से जाना जाएगा।
🧾 कांग्रेस और सपा पर भी साधा निशाना
अपने 35 मिनट के भाषण में मुख्यमंत्री योगी ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा:
“कौन लोग थे जिन्होंने बाबा साहब को चुनाव हरवाया? कौन लोग थे जिन्होंने विदेश नीति की समिति से उन्हें बाहर रखा? दिल्ली में स्मारक तक नहीं बनने दिया। अब वही लोग संविधान की प्रति लेकर घूमते हैं।”
योगी ने यह भी कहा कि भाजपा सरकार ही थी जिसने डॉ. आंबेडकर को भारत रत्न दिया और उनकी विचारधारा को जमीन पर उतारने के लिए पंचतीर्थ योजना शुरू की।
🧱 संविधान और एकता का संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. आंबेडकर ने भारत को एकता के सूत्र में बांधा, और संविधान के माध्यम से “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” का आधार तैयार किया। योगी ने बताया कि पीएम मोदी के नेतृत्व में नया संसद भवन बना, जहां संविधान की मूल प्रति स्थापित की गई और नागपुर में दीक्षा भूमि जैसे स्मारक तैयार किए गए।
🔚 निष्कर्ष
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह भाषण केवल राजनीतिक हमला नहीं बल्कि डॉ. आंबेडकर के विचारों को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। वहीं पश्चिम बंगाल में हो रहे दंगों को लेकर उन्होंने एक बार फिर “मज़बूत कार्रवाई” की वकालत की है।

