उत्तर प्रदेश: की राजधानी लखनऊ में कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। मोहनलालगंज स्थित एसीपी (सहायक पुलिस आयुक्त) कार्यालय के बाहर सरेआम लात-घूंसे चलने का एक वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह घटना एसीपी कार्यालय में पुलिसकर्मियों की कम संख्या के कारण हुई, क्योंकि अधिकांश पुलिसकर्मियों की ड्यूटी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यक्रम में लगी हुई थी।
कम पुलिसबल देख बेखौफ हुए झगड़ने वाले
वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि शिकायत करने आए दो पक्षों के लोग एक-दूसरे को खदेड़-खदेड़कर मार रहे हैं। इस दौरान एक अकेला सिपाही दोनों पक्षों को शांत करने और बीच-बचाव करने की पूरी कोशिश करता दिख रहा है, लेकिन लोग उसकी परवाह किए बिना एक-दूसरे पर हमला करते रहे। यह घटना पुलिस कार्यालय परिसर में ही सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
जमीन विवाद में भिड़े दो पक्ष
मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला कल्ली पूरब के दो पक्षों के बीच जमीन विवाद से जुड़ा है। दोनों पक्ष अपनी शिकायत लेकर एसीपी कार्यालय पहुंचे थे। लेकिन, कार्यालय में पुलिसकर्मियों की संख्या काफी कम होने के कारण उनके बीच जुबानी बहस जल्द ही मारपीट में बदल गई। पुलिसकर्मियों की कमी का फायदा उठाकर, दोनों पक्ष कार्यालय के बाहर ही आपस में भिड़ गए और जमकर हाथापाई की।
अमित शाह के कार्यक्रम में व्यस्त थी फोर्स
सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान लखनऊ के अधिकांश पुलिसकर्मी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यक्रम में ड्यूटी पर तैनात थे, जिसके कारण मोहनलालगंज एसीपी कार्यालय जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर पुलिसकर्मियों की संख्या कम पड़ गई। इसी स्थिति का लाभ उठाकर शिकायतकर्ता आपस में भिड़ गए।
यह घटना दर्शाती है कि बड़े आयोजनों के दौरान पुलिस बल की तैनाती का प्रबंधन कितना महत्वपूर्ण है, ताकि अन्य क्षेत्रों में कानून व्यवस्था प्रभावित न हो। पुलिस प्रशासन को ऐसे मामलों का संज्ञान लेते हुए यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी पुलिस कार्यालयों में पर्याप्त बल मौजूद रहे ताकि आम जनता की सुरक्षा और शांति भंग न हो। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की उम्मीद है।



