महाराष्ट्र: के चर्चित TCS कथित धर्मांतरण मामले में फरार चल रही मुख्य आरोपी निदा खान को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। लेकिन इस गिरफ्तारी की कहानी किसी फिल्मी थ्रिलर से कम नहीं है। पुलिस ने जिस तरह कई दिनों तक बेहद गुप्त तरीके से ऑपरेशन चलाया, उसने पूरे मामले को और भी सनसनीखेज बना दिया है।
नासिक पुलिस की टीम ने छत्रपति संभाजीनगर के नरेगांव इलाके में ऐसा जाल बिछाया कि स्थानीय लोगों को कई दिनों तक भनक तक नहीं लगी कि वहां कोई बड़ा पुलिस ऑपरेशन चल रहा है। 20 से ज्यादा पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में इलाके में घूमते रहे, मोबाइल लोकेशन ट्रैक की गई और आखिरकार सही समय देखकर फिल्मी अंदाज में रेड मारकर निदा खान को दबोच लिया गया।
आखिर कहां छिपी थी निदा खान?
जानकारी के मुताबिक, नासिक में सामने आए कथित जबरन धर्मांतरण मामले के बाद से ही निदा खान फरार चल रही थी। पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी, लेकिन वह बार-बार अपने ठिकाने बदल रही थी।
मई के पहले सप्ताह में जांच एजेंसियों को एक अहम इनपुट मिला कि निदा खान छत्रपति संभाजीनगर के नरेगांव स्थित कैसर कॉलोनी के एक किराए के फ्लैट में छिपी हुई है। बताया गया कि वह पिछले तीन-चार दिनों से वहीं रह रही थी।
सूत्रों के अनुसार, उसके साथ उसके पिता, मां, भाई और मौसी भी मौजूद थे। हालांकि पुलिस बिना पूरी पुष्टि के कोई कार्रवाई नहीं करना चाहती थी।
मोबाइल ट्रैकिंग से मिला बड़ा सुराग
पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद ली। मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग और डिजिटल निगरानी के जरिए पुलिस ने उसकी मौजूदगी की पुष्टि की।
इसके बाद पुलिस ने पूरे ऑपरेशन को पूरी तरह गोपनीय रखने का फैसला किया। इलाके में 20 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया, लेकिन किसी ने भी पुलिस की वर्दी नहीं पहनी थी।
अधिकारी आम नागरिकों की तरह कॉलोनी में घूमते रहे ताकि किसी को शक न हो। यहां तक कि पुलिस ने सरकारी गाड़ियों और जीपों का इस्तेमाल भी नहीं किया।

कई दिनों तक चला सीक्रेट ऑपरेशन
करीब तीन से चार दिनों तक पुलिस लगातार इलाके पर नजर रखती रही। हर गतिविधि को रिकॉर्ड किया गया और फ्लैट के आसपास आने-जाने वालों की जानकारी जुटाई गई।
जांच टीम को यह भी पता चला कि निदा खान कुछ वकीलों से संपर्क में थी और हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल करने की तैयारी कर रही थी।
पुलिस को डर था कि अगर उसे कानूनी राहत मिल गई तो गिरफ्तारी मुश्किल हो सकती है। इसलिए टीम ने सही मौके का इंतजार किया और फिर अचानक रेड मारकर उसे हिरासत में ले लिया।
देर रात कोर्ट में पेशी
गिरफ्तारी के बाद गुरुवार देर रात निदा खान को सुतगिरनी चौक स्थित न्यायिक अधिकारी के सरकारी आवास पर पेश किया गया।
वहां से नासिक पुलिस ने ट्रांजिट रिमांड हासिल किया और विशेष सुरक्षा के बीच उसे आगे की जांच के लिए नासिक ले जाया गया।
सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तारी के समय उसके साथ कुल पांच अन्य लोग भी मौजूद थे। हालांकि फिलहाल पुलिस ने उनके बारे में ज्यादा जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।
TCS में करती थी नौकरी
जांच एजेंसियों के अनुसार, निदा खान साल 2021 से TCS में प्रोसेस एसोसिएट के पद पर काम कर रही थी।
मामले में नाम सामने आने के बाद कंपनी ने पिछले महीने उसे निलंबित कर दिया था। इस केस के सामने आने के बाद कॉर्पोरेट सेक्टर में भी हलचल मच गई थी।
क्या हैं आरोप?
पुलिस जांच में अब तक सामने आया है कि निदा खान कथित तौर पर कुछ कर्मचारियों को धार्मिक रूपांतरण के लिए प्रभावित करने की कोशिश कर रही थी।
आरोप है कि उसने कुछ लोगों को इस्लामिक धार्मिक किताबें, वीडियो और अन्य सामग्री भेजी थी।
जांच एजेंसियों को शक है कि यह किसी संगठित नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है, जिसमें कंपनी के कुछ अन्य कर्मचारी भी शामिल हो सकते हैं।
हालांकि पुलिस अभी मामले की गहराई से जांच कर रही है और डिजिटल साक्ष्यों की भी पड़ताल की जा रही है।
कोर्ट में गर्भवती होने का दावा भी किया
पिछले महीने निदा खान ने गिरफ्तारी से अंतरिम राहत की मांग करते हुए अदालत में दावा किया था कि वह गर्भवती है।
लेकिन अदालत ने उसकी याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश और तेज कर दी थी।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में अब तक कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। निदा खान इस केस की सबसे ताजा गिरफ्तारी है।
TCS कथित धर्मांतरण केस अब देशभर में चर्चा का विषय बन चुका है। निदा खान की गिरफ्तारी ने इस मामले को और भी गंभीर बना दिया है। पुलिस जिस तरह तकनीकी निगरानी और सीक्रेट ऑपरेशन के जरिए आरोपी तक पहुंची, उसने जांच एजेंसियों की रणनीति को भी सामने ला दिया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि जांच में आगे और कौन-कौन से बड़े खुलासे होते हैं।

