नई दिल्ली: देश के सर्राफा बाजार में शुक्रवार को भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सोना और चांदी दोनों की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार एक किलो चांदी की कीमत में एक ही दिन में ₹19,693 की गिरावट आई है। इसके बाद चांदी का भाव घटकर ₹2.68 लाख प्रति किलो पर पहुंच गया है।
वहीं 24 कैरेट सोना भी ₹3,000 टूटकर ₹1.58 लाख प्रति 10 ग्राम पर आ गया। इससे पहले सोना 16 अप्रैल को ₹1.61 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर था। लगातार गिरते दामों ने निवेशकों और ज्वेलरी कारोबारियों दोनों को चौंका दिया है।
ऑल टाइम हाई से भारी गिरावट
इस साल जनवरी में सोना और चांदी दोनों रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गए थे। 29 जनवरी 2026 को सोना ₹1.76 लाख प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹3.86 लाख प्रति किलो के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गई थी।
लेकिन पिछले 106 दिनों में बाजार का रुख पूरी तरह बदल गया। अब सोना अपने ऑल टाइम हाई से करीब ₹18 हजार सस्ता हो चुका है, जबकि चांदी में ₹1.18 लाख तक की गिरावट आ चुकी है।
सोने का सफर
- 31 दिसंबर 2025: ₹1.33 लाख प्रति 10 ग्राम
- 29 जनवरी 2026: ₹1.76 लाख प्रति 10 ग्राम
- 15 मई 2026: ₹1.58 लाख प्रति 10 ग्राम
चांदी का सफर
- 31 दिसंबर 2025: ₹2.30 लाख प्रति किलो
- 29 जनवरी 2026: ₹3.86 लाख प्रति किलो
- 15 मई 2026: ₹2.68 लाख प्रति किलो

पीएम मोदी की अपील के बाद चर्चा तेज
हाल ही में Narendra Modi ने कर्नाटक और तेलंगाना की सभाओं में लोगों से एक साल तक सोना न खरीदने की अपील की थी। प्रधानमंत्री ने कहा था कि भारत को विदेशी मुद्रा बचाने की जरूरत है और इसके लिए लोगों को देशहित में सोने की खरीदारी कम करनी चाहिए।
उन्होंने कहा था कि भारत अपनी जरूरत का लगभग 99% सोना विदेशों से आयात करता है। वित्त वर्ष 2025-26 में सोने का आयात बिल करीब ₹6.4 लाख करोड़ तक पहुंच गया था। यही वजह है कि सरकार सोने की खपत कम करने पर जोर दे रही है।
प्रधानमंत्री की इस अपील के बाद बाजार में चर्चा तेज हो गई कि क्या लोगों ने खरीदारी रोक दी है और इसी वजह से कीमतों पर दबाव बढ़ा है।
क्यों टूटे सोना-चांदी के दाम?
विशेषज्ञों के अनुसार सोना और चांदी की कीमतों में गिरावट के पीछे कई बड़े कारण हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में दबाव
वैश्विक बाजार में निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के तौर पर डॉलर की ओर रुख बढ़ाया है, जिससे सोने की मांग कमजोर हुई।
मुनाफावसूली
जनवरी में रिकॉर्ड तेजी के बाद बड़े निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिससे कीमतों में गिरावट आई।
मांग में कमी
भारत में ऊंचे दामों के कारण ज्वेलरी खरीदारी पहले से ही धीमी थी। अब प्रधानमंत्री की अपील के बाद बाजार में और सतर्कता बढ़ गई है।
ज्वेलरी खरीदते समय रखें ये सावधानियां
यदि आप सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
BIS हॉलमार्क जरूर देखें
हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) हॉलमार्क वाला सोना ही खरीदें। इससे सोने की शुद्धता की पुष्टि होती है।
कीमत की जांच करें
सोना खरीदने से पहले अलग-अलग स्रोतों से उस दिन का रेट जरूर चेक करें। 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के रेट अलग-अलग होते हैं।
असली चांदी पहचानने के आसान तरीके
मैग्नेट टेस्ट
असली चांदी चुंबक से नहीं चिपकती।
आइस टेस्ट
सिल्वर पर बर्फ रखने पर वह तेजी से पिघलती है।
स्मेल टेस्ट
असली चांदी में किसी तरह की गंध नहीं होती।
कपड़ा टेस्ट
सफेद कपड़े से रगड़ने पर काला निशान आए तो चांदी असली हो सकती है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में सोना और चांदी दोनों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। अंतरराष्ट्रीय आर्थिक हालात, डॉलर की मजबूती और भू-राजनीतिक तनाव इनकी कीमतों को प्रभावित करेंगे।
हालांकि कई निवेशक इस गिरावट को खरीदारी का मौका भी मान रहे हैं।
सोना और चांदी की कीमतों में आई यह बड़ी गिरावट बाजार के लिए बड़ा संकेत मानी जा रही है। जहां निवेशक सतर्क हो गए हैं, वहीं आम खरीदारों के लिए यह राहत भरी खबर हो सकती है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि आने वाले हफ्तों में बुलियन मार्केट किस दिशा में जाता है।

