होर्मुज में जहाज पर हमले के बाद अमेरिका का बड़ा पलटवार! ईरान में कई ठिकानों पर बमबारी, मिडिल ईस्ट में फिर बढ़ा युद्ध का खतरा

होर्मुज जलडमरूमध्य में कथित हमले के बाद अमेरिका की सैन्य कार्रवाई

मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने घोषणा की है कि उसने ईरान के खिलाफ नए सैन्य हमलों की शुरुआत की है। अमेरिकी पक्ष का कहना है कि यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक वाणिज्यिक कंटेनर जहाज पर कथित हमले के जवाब में की गई है।

दूसरी ओर, ईरानी मीडिया ने देश के दक्षिणी हिस्सों में कई विस्फोटों की खबर दी है। हालांकि, घटनाओं के संबंध में दोनों देशों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है।

CENTCOM ने क्या कहा?

CENTCOM के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति के निर्देश पर इस सप्ताह ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का तीसरा चरण शुरू किया गया। अमेरिकी सेना का दावा है कि इस अभियान का उद्देश्य ईरान की उन क्षमताओं को कमजोर करना है जिनका उपयोग कथित रूप से अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों और वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाने में किया जाता है।

अमेरिकी बयान में कहा गया कि कार्रवाई विशेष रूप से समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित बनाए रखने के उद्देश्य से की जा रही है।

होर्मुज जलडमरूमध्य में क्या हुआ?

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, साइप्रस के झंडे वाले कंटेनर जहाज एम/वी GFS Galaxy पर होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरते समय कथित हमला हुआ।

अमेरिकी पक्ष का दावा है कि इस घटना में जहाज का इंजन रूम क्षतिग्रस्त हो गया, आग लग गई और चालक दल का एक सदस्य लापता है। इन दावों पर ईरान की ओर से तत्काल आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक माना जाता है, जहां किसी भी प्रकार की सैन्य गतिविधि का असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और कच्चे तेल की आपूर्ति पर पड़ सकता है।

ईरानी मीडिया में विस्फोटों की खबर

ईरान की सरकारी और अर्ध-सरकारी मीडिया संस्थाओं ने दक्षिणी क्षेत्रों में कई विस्फोटों की सूचना दी है।

रिपोर्टों के अनुसार, केश्म (Qeshm) द्वीप, बंदर अब्बास और सीरिक क्षेत्र में विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। हालांकि, इन घटनाओं से हुए नुकसान या संभावित हताहतों के संबंध में आधिकारिक विवरण अभी सामने नहीं आया है।

अमेरिका ने क्यों की कार्रवाई?

अमेरिकी सेना का कहना है कि उसने पहले भी वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों के लिए ईरान समर्थित तत्वों को जिम्मेदार ठहराया था। अमेरिकी बयान के अनुसार, पूर्व में किए गए समझौतों और चेतावनियों के बावजूद कथित हमले जारी रहे, जिसके बाद सैन्य कार्रवाई का निर्णय लिया गया।

अमेरिका का दावा है कि उसका उद्देश्य क्षेत्र में नौवहन की स्वतंत्रता बनाए रखना और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

बढ़ सकता है क्षेत्रीय तनाव

विश्लेषकों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई और जवाबी कार्रवाई का सिलसिला जारी रहता है, तो इसका असर पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति पर पड़ सकता है।

विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी भी प्रकार का लंबा तनाव वैश्विक तेल बाजार, शिपिंग उद्योग और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को प्रभावित कर सकता है।

दुनिया की नजर अगले कदम पर

फिलहाल अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस बात पर है कि ईरान इस सैन्य कार्रवाई पर क्या आधिकारिक प्रतिक्रिया देता है और क्या दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ता है या कूटनीतिक प्रयासों के जरिए स्थिति को नियंत्रित किया जाता है।

संयुक्त राष्ट्र और अन्य वैश्विक संस्थाओं की ओर से भी क्षेत्र में संयम बरतने की अपील किए जाने की संभावना जताई जा रही है।

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