नई दिल्ली: भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज का तीसरा और आखिरी मुकाबला आज, गुरुवार 17 सितंबर को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेला जाएगा। भारत शुरुआती दोनों मुकाबले जीतकर सीरीज पर 2-0 से कब्जा कर चुका है। ऐसे में अब टीम इंडिया की नजर जहां सीरीज का क्लीन स्वीप करने पर होगी, वहीं क्रिकेट फैंस की नजरें एक बड़े सवाल पर टिकी हैं—क्या युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को आज प्लेइंग-11 में जगह मिलेगी?
वैभव को सीरीज के पहले दोनों मुकाबलों में खेलने का मौका नहीं मिला। हालांकि, तीसरे मैच से पहले उनके नाम को लेकर चर्चा लगातार बढ़ रही है। मौजूदा रिपोर्टों में भी भारतीय टीम में रोटेशन और बेंच स्ट्रेंथ को आजमाने की संभावना का जिक्र है।
वैभव की सोशल मीडिया पोस्ट ने बढ़ाया सस्पेंस
तीसरे टी20 से पहले वैभव सूर्यवंशी ने अपनी तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा करते हुए “Final prep done” लिखा। इसी पोस्ट के बाद उनके आज खेलने की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है।
हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि किसी खिलाड़ी की सोशल मीडिया पोस्ट अपने आप में प्लेइंग-11 में चयन की आधिकारिक पुष्टि नहीं करती। अंतिम फैसला कप्तान और टीम मैनेजमेंट द्वारा मैच से पहले लिया जाएगा।
फिर भी सीरीज की स्थिति को देखते हुए वैभव को मौका देने की संभावना पर चर्चा स्वाभाविक है। भारत 2-0 से आगे है और तीसरा मुकाबला सीरीज का नतीजा बदलने वाला मैच नहीं है। ऐसे में टीम मैनेजमेंट बेंच पर मौजूद खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अवसर देने पर विचार कर सकता है।
सैमसन और अभिषेक की फॉर्म ने बढ़ाई चयन की पहेली
वैभव के लिए सबसे बड़ी चुनौती भारत के मौजूदा ओपनिंग विकल्प हैं। पहले टी20 में अभिषेक शर्मा ने 82 रन की शानदार पारी खेली, जबकि दूसरे मुकाबले में संजू सैमसन ने 57 रन बनाकर प्रभावशाली प्रदर्शन किया। दोनों की फॉर्म को देखते हुए ओपनिंग संयोजन में बदलाव आसान फैसला नहीं होगा।
यही वजह है कि तीसरे मैच में टीम कॉम्बिनेशन को लेकर कई संभावनाएं सामने आ रही हैं। कुछ संभावित संयोजनों में वैभव को अभिषेक या संजू के साथ ओपनिंग कराने की चर्चा है, जबकि कुछ अनुमानित टीमों में उन्हें बाहर भी रखा गया है। इससे साफ है कि अंतिम फैसला मैच से पहले ही स्पष्ट होगा।
क्या ईशान किशन को मिल सकता है आराम?
एक विकल्प यह भी हो सकता है कि टीम मैनेजमेंट ईशान किशन को आराम देकर वैभव को अंतिम एकादश में शामिल करे। भारत के पास सीरीज जीतने के बाद प्रयोग करने की गुंजाइश है।
इसके अलावा श्रेयस अय्यर और तिलक वर्मा जैसे खिलाड़ियों को भी अधिक बल्लेबाजी समय देने का विकल्प मौजूद है। पहले दो मुकाबलों में भारत के शीर्ष क्रम ने लक्ष्य का पीछा काफी तेजी से किया, जिसके कारण निचले क्रम के कुछ बल्लेबाजों को ज्यादा समय नहीं मिल पाया।
टीम मैनेजमेंट तीसरे मैच को इसी नजरिए से भी देख सकता है कि आगामी व्यस्त कार्यक्रम से पहले अधिक खिलाड़ियों को मैच अभ्यास मिले।
वैभव के लिए घरेलू मैदान पर बड़ा मौका?
वैभव सूर्यवंशी पहले ही कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी क्षमता की झलक दिखा चुके हैं। जुलाई में जिम्बाब्वे के खिलाफ उन्होंने प्रभावशाली प्रदर्शन किया था और इसके बाद अफगानिस्तान सीरीज में भी उनसे काफी उम्मीदें थीं।
अब दिल्ली में होने वाले तीसरे टी20 में अगर उन्हें मौका मिलता है तो यह उनके लिए घरेलू दर्शकों के सामने भारत की सीनियर टीम के साथ खेलने का अहम अवसर होगा। हालांकि, उन्हें प्लेइंग-11 में शामिल किया जाएगा या नहीं, यह मैच शुरू होने से पहले ही स्पष्ट होगा।
भारत के सामने क्लीन स्वीप का लक्ष्य
भारत ने पहले दो मुकाबले सात विकेट से जीते और सीरीज अपने नाम कर ली। अब तीसरी जीत के साथ टीम इंडिया 3-0 से सीरीज खत्म करना चाहेगी। दूसरी तरफ अफगानिस्तान की कोशिश आखिरी मुकाबला जीतकर सीरीज का अंत सकारात्मक अंदाज में करने की होगी।
इस मैच में इसलिए नतीजे के साथ-साथ भारतीय टीम का संयोजन भी चर्चा में रहेगा। खासकर वैभव सूर्यवंशी को मौका मिलता है या नहीं, इस पर क्रिकेट फैंस की नजर बनी हुई है।
संभावित प्लेइंग-11 पर नजर
विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में तीसरे टी20 के लिए अलग-अलग संभावित संयोजन सामने आए हैं। एक संभावित विकल्प में वैभव को ओपनिंग में आजमाने की चर्चा है, जबकि दूसरे अनुमान में अभिषेक और संजू की जोड़ी को बरकरार रखा गया है।
भारत की संभावित टीम:
संजू सैमसन (विकेटकीपर), अभिषेक शर्मा/वैभव सूर्यवंशी, वैभव सूर्यवंशी/ईशान किशन, श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, नितीश कुमार रेड्डी, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, रवि बिश्नोई/यश ठाकुर, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह।
अफगानिस्तान की संभावित टीम:
रहमानुल्लाह गुरबाज (विकेटकीपर), इब्राहिम जादरान (कप्तान), सेदिकुल्लाह अटल, दारविश रसूली, गुलबदीन नईब, अजमतुल्लाह ओमरजई, मोहम्मद नबी, राशिद खान, नूर अहमद, मुजीब उर रहमान/नवीन-उल-हक, फजलहक फारूकी।



