अहमदाबाद | 12 जून को अहमदाबाद से लंदन गैटविक जा रही एअर इंडिया की फ्लाइट बी-787-8 ड्रीमलाइनर हादसे का शिकार हो गई थी। इस भीषण दुर्घटना में 260 लोगों की मौत हो गई थी और केवल एक यात्री ही बच पाया था। अब इस हादसे को लेकर विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट नागरिक विमानन मंत्रालय को सौंप दी है, जिसमें हादसे की मुख्य वजहों में से एक दोनों इंजनों में ईंधन की आपूर्ति रुकना बताया गया है।
AAIB की प्रारंभिक रिपोर्ट की पांच बड़ी बातें
1. दोनों इंजन बंद हो गए थे
AAIB की रिपोर्ट के अनुसार, विमान के दोनों इंजन के फ्यूल कटऑफ स्विच ‘RUN’ से ‘CUTOFF’ हो गए थे, जिससे ईंधन की आपूर्ति रुक गई और दोनों इंजन बंद हो गए। यह तकनीकी गड़बड़ी अचानक हुई और उसके बाद विमान गिरकर डॉक्टरों के हॉस्टल पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
2. संवाद विश्लेषण: कोई मानवीय चूक नहीं
पायलटों के बीच के संवाद का विश्लेषण करते हुए CVR (कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर) से यह स्पष्ट हुआ कि फ्यूल कटऑफ किसी ने जानबूझकर नहीं किया। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह संभवत: सिस्टम फेलियर या तकनीकी खामी के कारण हुआ।
3. आपातकालीन प्रणाली भी सक्रिय हुई, लेकिन विमान नहीं बच सका
आपात स्थिति में रैम एयर टर्बाइन (RAT) और ऑक्सिलरी पावर यूनिट (APU) जैसी प्रणालियां सक्रिय हुईं, लेकिन ये सिस्टम विमान को गिरने से रोकने में असफल रहे।
4. अनुभवी पायलट थे कॉकपिट में
रिपोर्ट में बताया गया है कि कैप्टन के पास 15,000 घंटे और सह-पायलट के पास 3,400 घंटे का उड़ान अनुभव था। यानी दोनों पायलट अत्यधिक प्रशिक्षित और अनुभवी थे, फिर भी सिस्टम की असफलता से वे विमान को नहीं बचा सके।
5. विस्तृत जांच जारी
AAIB ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि यह सिर्फ प्रारंभिक निष्कर्ष है। फाइनल रिपोर्ट अभी लंबित है, क्योंकि विस्तृत विश्लेषण, फोरेंसिक रिपोर्ट, ईंधन के नमूनों की जांच, मृतकों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट और साक्ष्यों का संग्रह अभी चल रहा है।
अब तक की जांच में क्या-क्या हुआ?
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दुर्घटनास्थल की ड्रोन फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी की गई।
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मलबे को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और इंजन अलग से परीक्षण के लिए रखे गए।
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ईंधन टैंकों और फिल्टर से लिए गए नमूनों की DGCA लैब में जांच की गई, जो फिलहाल संतोषजनक पाए गए।
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जीवित यात्री के बयान और गवाहों के साक्षात्कार पूरे किए गए।
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EAFR (Extended Aircraft Flight Recorder) डेटा की विस्तृत समीक्षा की जा रही है।
आगे की दिशा
इस दुर्घटना की फाइनल रिपोर्ट आने तक किसी विमानन कंपनी या इंजन निर्माता के लिए कोई सुरक्षा चेतावनी या अनुशंसा जारी नहीं की गई है। जांच दल संबंधित कंपनियों, पायलटों और तकनीकी विशेषज्ञों से और साक्ष्य जुटाने में लगा हुआ है।
निष्कर्ष
AAIB की प्रारंभिक रिपोर्ट में जो तथ्य सामने आए हैं, वे इस बात की ओर इशारा करते हैं कि विमान के दोनों इंजन तकनीकी वजह से फेल हुए थे और पायलट इसे नियंत्रित नहीं कर पाए। यह हादसा भारत के नागरिक उड्डयन इतिहास की सबसे बड़ी त्रासदियों में से एक बन गया है।


