भारतीय मौसम विभाग (IMD): ने पूरे देश में मानसून के सक्रिय हो जाने की पुष्टि कर दी है। उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर, मध्य भारत से लेकर दक्षिण भारत तक अगले कुछ दिनों तक झमाझम बारिश जारी रहेगी। विशेष रूप से 4 जुलाई तक हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, केरल, कर्नाटक और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
🌀 कहां-कहां होगी बारिश?
IMD के अनुसार:
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उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, पश्चिम राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश हुई है और आगे भी जारी रहने की उम्मीद है।
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तमिलनाडु, तटीय कर्नाटक और केरल में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
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केरल में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि दिल्ली-एनसीआर में येलो अलर्ट जारी किया गया है।
🌧️ दिल्ली-NCR में उमस से राहत, जलभराव बना मुसीबत
शनिवार को दोपहर बाद दिल्ली-एनसीआर में घने बादलों के साथ जमकर बारिश हुई। लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली, लेकिन कई इलाकों में जलभराव से आवाजाही बाधित हुई। मौसम विभाग ने बताया कि आने वाले दिनों में भी बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।
🚨 पहाड़ों में बढ़ी मुश्किलें, चारधाम यात्रा प्रभावित
उत्तराखंड में भारी बारिश के चलते भूस्खलन की घटनाएं बढ़ गई हैं।
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चमोली जिले में बदरीनाथ हाईवे बाधित रहा और करीब 3000 श्रद्धालु फंसे रहे।
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गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे भी क्रमश: 8 और 5 घंटे तक बंद रहे।
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रुद्रप्रयाग में अलकनंदा नदी में वाहन गिरने से 12 लोग लापता हो गए, जिनमें से 4 के शव बरामद कर लिए गए हैं।
🌊 केरल और ओडिशा में बाढ़ जैसे हालात
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केरल में लगातार बारिश से कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। पांच जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी है और सैकड़ों लोग विस्थापित हुए हैं।
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ओडिशा के मयूरभंज जिले में भारी बारिश के कारण जलभराव की स्थिति बनी हुई है।
🏔️ हिमाचल में बादल फटने से तबाही
धर्मशाला और कुल्लू में बादल फटने की घटनाओं में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है।
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सैंज घाटी में बहे तीन लोगों में से एक का शव मिला, जबकि एक बच्ची और उसके पिता-बुआ लापता हैं।
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मनूणी खड्डे में बिजली परियोजना पर कार्यरत 8 लोग बह गए, जिनमें से 6 के शव मिले हैं।
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राज्य में कुल 38 सड़कें, 22 बिजली ट्रांसफॉर्मर, और 6 पेयजल योजनाएं ठप हैं। कुल 300 करोड़ रुपये का नुकसान आंका गया है।
📉 निष्कर्ष: मानसून बना राहत और आफत दोनों
जहां एक ओर मानसून ने भीषण गर्मी से राहत दी है, वहीं कई राज्यों में भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है और एनडीआरएफ, एसडीआरएफ जैसी एजेंसियां राहत कार्यों में जुटी हुई हैं। मौसम विभाग की मानें तो अगले कुछ दिन देशभर में बारिश का दौर जारी रहेगा।
📣 सावधानी रखें:
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निचले इलाकों में रहने वाले लोग सुरक्षित स्थानों पर जाएं।
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यात्रा करने से पहले मौसम अपडेट चेक करें।
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पर्वतीय क्षेत्रों में जाने से बचें जब तक कि रास्ते पूरी तरह सुरक्षित न हों।

