लखनऊ: में बुधवार को हुई तेज बारिश ने पूरे शहर की व्यवस्था की पोल खोल दी। जगह-जगह नाले-नालियां उफान पर आ गए और हुसैनगंज किला चौकी क्षेत्र में 7 वर्षीय वीरू नामक बच्चा हैदर कैनाल नाले में बह गया। लगभग 21 घंटे की तलाश के बाद गुरुवार को उसका शव बरामद हुआ।
स्थानीय प्रत्यक्षदर्शी फरीद के अनुसार, “जब नाले का पानी थोड़ा कम हुआ तो बच्चे के दोनों हाथ पानी के ऊपर दिखाई दिए। इसके बाद मशीन ऑपरेटर और स्थानीय लोगों की मदद से शव बाहर निकाला गया।”
लखनऊ में बारिश और अलर्ट की स्थिति
शहर में सुबह से ही बादल छाए रहे और कई इलाकों में रिमझिम बारिश का दौर जारी रहा। मौसम विभाग ने गुरुवार को यलो अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि लखनऊ में आज भी भारी बारिश हो सकती है। अनुमानित तापमान अधिकतम 30 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री दर्ज होने की संभावना है।
-
बुधवार को लखनऊ में 23 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
-
1 जून से 17 सितंबर तक शहर में कुल 621 मिलीमीटर बरसात हुई, जबकि सामान्य औसत 630 मिलीमीटर है।
-
यानी अब तक सीजन की बारिश सामान्य से 1% कम है।
बारिश से शहर बेहाल, जलभराव ने बिगाड़ी स्थिति
कल हुई झमाझम बारिश के बाद लखनऊ के कई इलाकों में हालात बिगड़ गए।
-
नगर निगम मुख्यालय तक पानी भर गया।
-
कॉल्विन तालुकेदार्स कॉलेज में लगे रोजगार मेले का पंडाल डूब गया।
-
गोलागंज में घरों और दुकानों में पानी भर गया।
-
अमीनाबाद और जानकीपुरम विस्तार में भी सुबह बारिश से लोग परेशान रहे।
हादसे के बाद लोगों में गुस्सा
स्थानीय लोगों ने नगर निगम और प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि नालों की सफाई और प्रबंधन नहीं होने की वजह से ही यह दर्दनाक हादसा हुआ।
निष्कर्ष:
लखनऊ में मासूम वीरू की मौत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि बारिश के मौसम में नगर निगम और प्रशासन की तैयारियां कितनी नाकाफी हैं। आज फिर भारी बारिश की चेतावनी के बीच लोगों में डर और आक्रोश दोनों है।

