उत्तर प्रदेश: के गोंडा जिले में भाजपा नेता और जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि भूपेंद्र सिंह पर हुए जानलेवा हमले ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में सबसे बड़ा सवाल यह था कि घटना के तुरंत बाद मुकदमा क्यों दर्ज नहीं हुआ। अब करीब 40 घंटे बाद पुलिस ने आखिरकार कार्रवाई करते हुए केस दर्ज कर लिया है, जिससे पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है।
यह घटना परसपुर थाना क्षेत्र के डेहरास पंचायत अंतर्गत गजराजपुरवा गांव की है। जानकारी के अनुसार, 20 अप्रैल की देर रात भूपेंद्र सिंह एक मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे हमलावरों ने उन पर अचानक ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। हमले में भूपेंद्र सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी हालत गंभीर देखते हुए तत्काल ऑपरेशन किया। फिलहाल उनका इलाज जारी है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
इस बीच, घटना के बाद लगातार यह सवाल उठ रहा था कि इतनी गंभीर वारदात के बावजूद पुलिस ने अब तक मुकदमा क्यों दर्ज नहीं किया। इस पर पीड़ित परिवार ने सफाई देते हुए बताया कि घटना के बाद पूरा परिवार इलाज और ऑपरेशन में व्यस्त था। भूपेंद्र सिंह भी होश में नहीं थे, जिसके चलते समय पर तहरीर नहीं दी जा सकी।

जैसे ही उनकी हालत में थोड़ा सुधार हुआ, परिजन परसपुर थाने पहुंचे और लिखित शिकायत दी। इसके आधार पर पुलिस ने दो नामजद और दो अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या के प्रयास, आपराधिक षड्यंत्र और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस ने मामला दर्ज होते ही जांच तेज कर दी है। नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है, जबकि अज्ञात हमलावरों की पहचान के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। सूत्रों के मुताबिक पुलिस इस मामले को कई एंगल से देख रही है।
जांच में पुरानी रंजिश, राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता और स्थानीय विवाद जैसे पहलुओं को भी खंगाला जा रहा है। चूंकि भूपेंद्र सिंह एक सक्रिय राजनीतिक चेहरा हैं, इसलिए इस हमले को लेकर सियासी हलकों में भी हलचल तेज हो गई है।
घटना के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। समर्थकों ने पुलिस प्रशासन से जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। कई स्थानीय लोगों ने भी इस घटना को कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़ा करने वाला बताया है।
गौरतलब है कि एक जनप्रतिनिधि के करीबी और भाजपा नेता पर इस तरह खुलेआम फायरिंग की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर ऐसे प्रभावशाली व्यक्ति भी सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला बेहद गंभीर है और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।

फिलहाल पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर भी जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। आने वाले दिनों में इस केस में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
इस घटना ने न केवल गोंडा जिले बल्कि पूरे प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर बहस छेड़ दी है। अब सबकी नजर पुलिस की अगली कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी पर टिकी हुई है।
भूपेंद्र सिंह पर हुए जानलेवा हमले के मामले में 40 घंटे बाद दर्ज हुआ मुकदमा जांच को नई दिशा दे रहा है। पुलिस अब कई एंगल से मामले की पड़ताल कर रही है और जल्द गिरफ्तारी का दावा कर रही है। यह घटना प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल भी खड़े करती है।

