उत्तर प्रदेश: के गोरखपुर जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। बांसगांव थाना क्षेत्र के बलुआ गांव में 16 वर्षीय किशोर पर अपने बड़े भाई, भाभी और तीन वर्षीय भतीजे की निर्मम हत्या करने का आरोप है। वारदात सोमवार तड़के करीब 3 बजे हुई, जब पूरा परिवार गहरी नींद में सो रहा था।
पुलिस के अनुसार आरोपी किशोर ने सोते हुए परिवार के सदस्यों पर धारदार हथियार से हमला किया। इस हमले में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई।
9 साल की बच्ची बनी वारदात की चश्मदीद
घटना के दौरान कमरे में मौजूद 9 वर्षीय बच्ची ने कथित तौर पर पूरी वारदात देख ली। बच्ची के शोर मचाने पर घर के अन्य सदस्य जाग गए।
परिजनों के अनुसार बच्ची रोते हुए बाहर भागी और दादा-दादी को पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिवार के लोग कमरे में पहुंचे, जहां खून से लथपथ शव पड़े थे।
बच्ची की मौजूदगी और उसके बयान को पुलिस जांच में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
खून से सना हथियार लेकर कमरे से निकला आरोपी
परिवार के मुखिया हरीलाल जब कमरे में पहुंचे तो उनके सामने भयावह दृश्य था। बड़े बेटे, बहू और पोते के शव कमरे में पड़े थे।
आरोप है कि उसी समय छोटा बेटा खून से सना गड़ासा लेकर कमरे से बाहर निकल रहा था। घटना से घबराए परिजन तत्काल कुछ नहीं कर सके। आरोपी बाद में घर की ऊपरी मंजिल पर जाकर बैठ गया।
सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और उसे हिरासत में ले लिया।
पूछताछ में कही चौंकाने वाली बात
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक पूछताछ के दौरान आरोपी किशोर भावुक हो गया और रोने लगा। उसने कथित रूप से कहा कि उसे दो दिनों से खाना नहीं दिया गया था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपी ने यह भी पूछा कि “जेल में खाना मिलेगा न?” यह बयान सामने आने के बाद मामला और अधिक चर्चा में आ गया।
हालांकि पुलिस का कहना है कि हत्या के पीछे केवल एक कारण नहीं हो सकता और सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है।
पारिवारिक विवाद और मानसिक तनाव की भी चर्चा
जांच में यह भी सामने आया है कि परिवार के भीतर लंबे समय से विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि आरोपी किशोर पढ़ाई करना चाहता था, लेकिन वह अपनी परिस्थितियों को लेकर असंतुष्ट रहता था।
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि दुकान और आर्थिक मामलों को लेकर भाइयों के बीच तनाव था। कुछ महीने पहले परिवार में विवाद का मामला थाने तक पहुंचा था, जहां समझौता कराया गया था।
पुलिस इन सभी पहलुओं को जोड़कर घटना की पृष्ठभूमि समझने का प्रयास कर रही है।
सोते समय किया गया हमला
पुलिस के अनुसार मृतक अमित गुप्ता अपनी पत्नी रंजना, तीन वर्षीय बेटे रेयांश और बेटी के साथ कमरे में सो रहे थे।
आरोप है कि आरोपी रात में कमरे में दाखिल हुआ और सो रहे लोगों पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमले की तीव्रता इतनी अधिक थी कि किसी को संभलने का अवसर नहीं मिला।
फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं और शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है।
गांव में पसरा मातम
एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। बड़ी संख्या में ग्रामीण घटना स्थल पर पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि परिवार के भीतर इतना बड़ा हादसा हो सकता है।
पुलिस की जांच जारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी किशोर से लगातार पूछताछ की जा रही है। उसकी मानसिक स्थिति, पारिवारिक संबंधों और पूर्व विवादों की भी जांच की जा रही है।
साथ ही घटना के समय मौजूद लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं ताकि पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सके।



