अयोध्या : में रामनवमी पर्व इस बार ऐतिहासिक और अद्भुत स्वरूप में मनाया जा रहा है। रामलला के जन्मोत्सव के शुभ अवसर पर इस वर्ष पहली बार सूर्य तिलक की वैज्ञानिक पद्धति से स्थापना हुई। ठीक दोपहर 12 बजे सूर्य की किरणों ने रामलला के मस्तक को आलोकित किया।
???? सूर्य तिलक की अद्भुत प्रक्रिया
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सूर्य तिलक के लिए मंदिर के ऊपरी तल पर लेंस और रिफ्लेक्टर सिस्टम स्थापित किया गया है।
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लेंस से गुजरती सूर्य की किरणें, रामलला के ललाट पर 75 मिलीमीटर के आकार में पड़ती हैं।
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यह प्रक्रिया लगभग चार मिनट तक चली और रवि योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और सुकर्मा योग जैसे शुभ योगों में सम्पन्न हुई।
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यह नज़ारा देश-दुनिया के करोड़ों भक्तों के लिए लाइव प्रसारित किया गया।
???? चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा, रेलवे स्टेशन से लेकर रामलला दरबार तक तैनात फोर्स
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अयोध्या रेलवे स्टेशन पर 200 से अधिक RPF जवानों की तैनाती।
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235 CCTV कैमरे, 3 प्रवेश द्वार, 2 निकासी द्वार, और 1 आपातकालीन गेट निर्धारित।
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तीन होल्डिंग एरिया बनाए गए ताकि भीड़ को संयमित तरीके से नियंत्रित किया जा सके।
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भीड़ को रोकने व मार्गदर्शन के लिए जोन और सेक्टर प्रणाली लागू की गई।
???? श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष प्रबंध
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गर्मी से राहत के लिए मंदिर मार्गों पर छाजन व दरी की व्यवस्था।
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शीतल जल वितरण केंद्र, ORS पाउच, 14 अस्थायी स्वास्थ्य केंद्र और 108 एम्बुलेंस की तैनाती।
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ड्रोन के जरिए सरयू जल की फुहार भी छोड़ी जा रही है, जो पहली बार हुआ।
???? राम जन्मोत्सव का होगा लाइव प्रसारण
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सूचना विभाग और दूरदर्शन द्वारा अयोध्या और अन्य शहरों में एलईडी डिस्प्ले बोर्ड के माध्यम से लाइव टेलीकास्ट।
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श्रद्धालु रामलला के श्रृंगार, अभिषेक और सूर्य तिलक को लाइव देख सकेंगे।
???? प्रशासन की अपील
अयोध्या के कमिश्नर गौरव दयाल ने श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि वे प्रशासन के साथ सहयोग करें और किसी भी प्रकार की समस्या आने पर मौके पर तैनात अधिकारियों से संपर्क करें।



