अयोध्या में स्मृति द्वार से इतिहास और विकास को नया आयाम, योगी सरकार ने रखी लौह पुरुष और वाजपेयी जी की याद

अयोध्या: धार्मिक और सांस्कृतिक राजधानी अयोध्या अब केवल आध्यात्मिक नगरी नहीं, बल्कि नवीन बुनियादी ढांचे और राष्ट्रीय नेतृत्व की स्मृति को संजोने वाला आधुनिक शहर बनता जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने अयोध्या के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक और ऐतिहासिक कदम बढ़ाया है। अब यहां लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में दो भव्य स्मृति द्वार बनेंगे।


सरदार पटेल और अटल जी के नाम पर बनेगा भव्य द्वार

अम्बेडकरनगर मार्ग स्थित बाकरगंज बाजार में लौह पुरुष स्मृति द्वार तथा अयोध्या-गोंडा मार्ग पर पेट्रोल पम्प के पास अटल बिहारी वाजपेयी स्मृति द्वार का निर्माण कराया जाएगा। लौह पुरुष द्वार पर ₹16.57 लाख की लागत आएगी, जिसमें ₹9.42 लाख की पहली किस्त जारी कर दी गई है। वहीं, अटल द्वार की लागत ₹17.17 लाख प्रस्तावित है, जिसमें से ₹10.302 लाख की धनराशि अवमुक्त हो चुकी है।


नियावां से पाटेश्वरी मंदिर तक बनेगा फोरलेन मार्ग

पर्यटन और यातायात को बेहतर बनाने के लिए नियावां से पाटेश्वरी देवी मंदिर होते हुए रामपथ तक फोरलेन सड़क का निर्माण प्रस्तावित है। ₹113 करोड़ की लागत वाली इस परियोजना से तीर्थयात्रियों को सुगम यातायात की सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही रामपथ से गद्दोपुर होते हुए रायबरेली रोड, देवकाली से जेल रोड तथा रीडगंज से गुलाबबाड़ी तक सड़कों के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के लिए भी करोड़ों की परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं।


सीवरेज योजना: 27 हजार घर होंगे लाभान्वित

अमृत योजना-2 के तहत ₹351 करोड़ की लागत से सीवरेज योजना पार्ट-2 को लागू किया जा रहा है, जिससे 27,000 घरों को सीवर लाइन से जोड़ा जाएगा। इस परियोजना में चार पंपिंग स्टेशन भी बनेंगे। स्वच्छता और जनस्वास्थ्य की दृष्टि से यह कदम शहर की आधुनिक जरूरतों को पूरा करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।


सौंदर्यीकरण और पर्यटक सुविधाओं का विस्तार

पर्यटकों की संख्या को ध्यान में रखते हुए राम की पैड़ी, रामपथ, धर्मपथ, गुप्तारघाट और लता चौक जैसे स्थानों पर आरती घर, मिस्टिंग फैन, थीम वॉल, प्रकाश व्यवस्था, फूड कोर्ट, और एम्फीथिएटर जैसे सुविधाओं का विकास प्रस्तावित है। साथ ही फटिक शिला पार्किंग, गुलाबबाड़ी पार्क सौंदर्यीकरण और नवीन पर्यटक आवास गृह के निर्माण से तीर्थस्थलों की महत्ता और सुविधा दोनों बढ़ेगी।


संत-महंतों और जनता की भूमिका को मिल रहा सम्मान

रामनगरी के विकास में संत-महंतों और आमजन की अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए योजनाएं तैयार की जा रही हैं। तीर्थयात्रियों और स्थानीय नागरिकों से संवाद स्थापित कर सुझाव सरकार तक पहुंचाए जा रहे हैं। विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने बताया कि योगी सरकार में भयमुक्त और निवेश-उन्मुख वातावरण तैयार हुआ है, जिससे उत्तर प्रदेश निवेशकों की पहली पसंद बन चुका है।


निष्कर्ष

अयोध्या आज इतिहास, अध्यात्म और आधुनिकता का संगम बन रही है। स्मृति द्वारों का निर्माण न केवल हमारे राष्ट्रीय नायकों को श्रद्धांजलि है, बल्कि यह दर्शाता है कि विकास, विरासत और विश्वास को साथ लेकर चलने वाली सरकार भविष्य की पीढ़ियों को मजबूत विरासत सौंप रही है। योगी सरकार के नेतृत्व में अयोध्या का यह कायाकल्प पूरे देश के लिए एक प्रेरणास्रोत है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top