लखनऊ। उत्तर प्रदेश के डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में आयोजित 12वें दीक्षांत समारोह का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर कुल 2113 स्टूडेंट्स को उपाधियां प्रदान की गईं, जिनमें से 166 मेधावी छात्र-छात्राओं को स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक से सम्मानित किया गया। समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, केंद्रीय दिव्यांगजन आयुक्त एस. गोविंदराज और दिव्यांगजन सशक्तिकरण एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के राज्य मंत्री नरेंद्र कश्यप मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
राज्यपाल ने महिलाओं के खिलाफ समाज में बनी मानसिकता पर दिया जोरदार संदेश
कुलाधिपति और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने दीक्षांत समारोह के दौरान कहा कि समाज में अभी भी महिलाओं को अछूत समझा जाता है, जिससे उन्हें मानसिक और शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल कागजी तौर पर MOU करने से कुछ हासिल नहीं होगा, बल्कि ग्राउंड पर ठोस कदम उठाकर ही परिणाम दिखेंगे। राज्यपाल ने छात्रों से जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनने का आह्वान किया।
दिव्यांग छात्र-छात्राओं के लिए मिसाल बनी नीति
केंद्रीय दिव्यांगजन आयुक्त एस. गोविंदराज ने कहा कि सरकार दिव्यांग जनों को विदेशों में पढ़ाई के लिए स्कॉलरशिप उपलब्ध कराती है और नौकरी में 5% आरक्षण देती है, लेकिन शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय ने अपने स्तर पर 50% आरक्षण देकर समाज में एक नई मिसाल कायम की है।
राज्य मंत्री नरेंद्र कश्यप ने भी समारोह में विशेष रूप से उल्लेख किया कि प्रदेश में अब तक 8,863 दिव्यांगजनों को दुकान बनाकर रोजगार दिया जा चुका है। इसके अतिरिक्त 55 डे केयर सेंटर और 28 समेकित विद्यालय भी खोले गए हैं। राज्य मंत्री ने बताया कि जून 2025 में 11,32,254 दिव्यांगजनों को भरण-पोषण राशि ₹300 से बढ़ाकर ₹1000 मासिक दी गई।
मेधावियों और विशेष योगदानकर्ताओं को सम्मानित किया गया
166 मेधावी छात्र-छात्राओं को कुल 81 स्वर्ण पदक, 43 रजत पदक और 42 कांस्य पदक प्रदान किए गए। इनमें 27 पदक दिव्यांग छात्रों को दिए गए, जिसमें 10 दिव्यांग छात्राएं और 17 दिव्यांग छात्र शामिल हैं। छात्र परमात्मा कुमार ने यह वचन दिया कि वे भविष्य में समाज सेवा का कार्य करेंगे।
कुलपति प्रो. संजय सिंह ने बताया कि इस सत्र में CUET के माध्यम से प्रवेश प्रक्रिया पारदर्शी बनी है। विश्वविद्यालय ने IIT BHU और IIIT इलाहाबाद के साथ MOU किया है। साथ ही दृष्टिबाधित छात्रों के लिए ब्रेल स्टूडियो स्थापित किया गया है। स्टूडेंट्स ने दिव्यांगजनों के लिए 3D प्रिंटिंग तकनीक से कृत्रिम अंग तैयार किए हैं, जो निशुल्क वितरित किए जा रहे हैं। इस वर्ष विश्वविद्यालय के छात्रों ने राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पैरा खेलों में कुल 60 पदक भी जीते।
आयोजन में तकनीकी गड़बड़ी के बावजूद सफल समापन
दीक्षांत समारोह से ठीक पहले अटल प्रेक्षागृह में शार्ट सर्किट की समस्या के कारण लाइट और AC प्रभावित हुए, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने त्वरित व्यवस्था कर समारोह को सफलतापूर्वक संपन्न कराया।
निष्कर्ष:
डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय का यह दीक्षांत समारोह न केवल शिक्षा का उत्सव था, बल्कि समाज में समावेशिता, समानता और संवेदनशीलता के संदेश का प्रसार भी रहा। राज्यपाल और अन्य गणमान्य अतिथियों के विचार छात्रों और समाज के लिए प्रेरणादायक साबित हुए। आगामी दिनों में विश्वविद्यालय की NAAC और NIRF रैंकिंग में सुधार की तैयारी का भी संकल्प लिया गया।



