गोंडा। गोंडा के यूपी कोऑपरेटिव बैंक की बड़गांव शाखा में हुए बड़े घोटाले के 15 आरोपी मुकदमा दर्ज होने के बाद से फरार हैं। पुलिस टीम लगातार विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर रही है, लेकिन आरोपी बार-बार अपनी लोकेशन बदलकर पुलिस को चकमा दे रहे हैं।
पुलिस की कार्रवाई
नगर कोतवाली गोंडा पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए उनके रिश्तेदारों और परिचितों के घरों पर भी छापेमारी शुरू कर दी है। पुलिस का लक्ष्य है कि जल्द से जल्द इन आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जाए।
फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस गोंडा से लेकर लखनऊ, बलरामपुर, अयोध्या, बहराइच सहित अन्य कई स्थानों पर लगातार दबिश दे रही है। पुलिस ने चारों तरफ से जाल बिछा दिया है, ताकि कोई आरोपी छिप न सके।
पुलिस का बयान और नए खुलासे
गोंडा नगर कोतवाली के क्राइम इंस्पेक्टर सभाजीत सिंह ने बताया,
“हम आरोपियों की गिरफ्तारी का प्रयास कर रहे हैं। वे बार-बार लोकेशन बदलकर पुलिस को चकमा दे रहे हैं। इस पूरे मामले की जांच में कई और आरोपियों के नाम भी सामने आ रहे हैं।”
इस मामले की जांच में ऑडिट रिपोर्ट और बैंक से मांगी गई डिटेल्स को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई की जा रही है।
जांच का दायरा और आगे की कार्रवाई
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पुलिस ऑडिट रिपोर्ट की जांच कर रही है, जिसमें कई बड़े खुलासे हो रहे हैं।
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साक्ष्य मिलने के आधार पर और आरोपियों के नाम मुकदमे में शामिल किए जाएंगे।
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पुलिस जल्द ही पूरी जांच कर न्यायालय को रिपोर्ट सौंपेगी।
गोंडा यूपी कोऑपरेटिव बैंक घोटाले के 15 आरोपी अभी भी फरार हैं और पुलिस लगातार उनकी तलाश में विभिन्न स्थानों पर दबिश दे रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने रिश्तेदारों और परिचितों तक छापेमारी शुरू कर दी है। जांच में और नए नाम सामने आने से इस घोटाले का दायरा और बढ़ सकता है।

