गोंडा : गोंडा जिले के तरबगंज तहसील क्षेत्र में तैनात लेखपाल और उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के जिला महामंत्री सिद्धार्थ द्विवेदी को निलंबित कर दिया गया है। उनके खिलाफ आरोप था कि उन्होंने आईजीआरएस पोर्टल पर आने वाली शिकायतों का निस्तारण बिना मौके पर जांच किए ही कर दिया था।
शिकायतों की अनदेखी और लापरवाही
एसडीएम तरबगंज, राजीव मोहन सक्सेना ने बताया कि सिद्धार्थ द्विवेदी को पहले भी कई बार चेतावनी दी गई थी। हालांकि, उन्होंने अपने कार्य में सुधार नहीं किया। लगातार शिकायतों की अनदेखी और लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने उन्हें निलंबित कर दिया।
विभागीय जांच और नई जिम्मेदारी
निलंबन के बाद, सिद्धार्थ द्विवेदी को भूलेख कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। वहीं, इस मामले की विभागीय जांच की जिम्मेदारी तहसीलदार सुरभि गौतम को दी गई है। एसडीएम ने अन्य लेखपालों और राजस्व निरीक्षकों को भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे शिकायतों को गंभीरता से लें और समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें।
विधायक के करीबी होने के बावजूद कार्रवाई
हालांकि, सिद्धार्थ द्विवेदी तरबगंज के भाजपा विधायक प्रेम नारायण पांडे के करीबी माने जाते थे, लेकिन प्रशासन ने कमिश्नर और डीएम के सख्त रुख के कारण उनके खिलाफ कार्रवाई में कोई हिचक नहीं दिखाई। माना जा रहा था कि उनकी राजनीतिक पहुंच के कारण कोई कार्रवाई नहीं होगी, लेकिन प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया कि लापरवाही और अव्यवस्था को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
निष्कर्ष
यह कार्रवाई गोंडा प्रशासन द्वारा की गई है, जो यह दर्शाती है कि सार्वजनिक सेवाओं में लापरवाही को लेकर प्रशासन ने कठोर कदम उठाए हैं। इस घटना के बाद, अन्य अधिकारियों को भी यह संदेश मिलेगा कि दायित्वों का पालन करना और नियमों के तहत कार्य करना सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।

