गोंडा/आर्यनगर: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के आर्यनगर क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीण इन दिनों भीषण बिजली संकट से परेशान हैं। स्थानीय आर्यनगर विद्युत उपकेंद्र से जुड़े गांवों में बिजली की आपूर्ति बुरी तरह चरमराई हुई है। शिकायतों के बावजूद बिजली विभाग की ओर से कोई समाधान नहीं निकाला गया, जिससे लोगों में गहरा आक्रोश है।
🔌 दिन-रात में सिर्फ 6 घंटे बिजली
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले एक सप्ताह से अधिक समय से 24 घंटे में महज 5-6 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। तेज गर्मी और उमस में बच्चों और बुजुर्गों की हालत और भी खराब हो गई है। पंखे और कूलर चलाना तो दूर, रात में सोना तक मुश्किल हो गया है।
🗣 शिकायत के बाद भी नहीं मिली राहत
ग्रामीणों ने कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों को कॉल कर शिकायत दर्ज कराई, लेकिन न तो कोई स्थायी समाधान निकला और न ही फील्ड कर्मचारी मौके पर पहुंचे। आर्यनगर के निवासी रामनरेश, विमला देवी, और महावीर यादव ने बताया कि जनरेटर चलाना भी अब महंगा हो गया है, ऐसे में उन्हें सिर्फ गर्मी और अंधेरे का ही सामना करना पड़ रहा है।
🔎 कौन-कौन से गांव प्रभावित
आर्यनगर विद्युत उपकेंद्र से जुड़े दर्जनों गांवों में यह स्थिति बनी हुई है, जिनमें प्रमुख हैं:
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भवनियापुर
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मटेहना
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हरिहरपुर
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कोटवा
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गोंड़रीपुरवा
इन गांवों में बिजली की आपूर्ति बार-बार बाधित हो रही है या बेहद कम समय के लिए दी जा रही है।
🔧 क्या कहता है बिजली विभाग?
जब इस संबंध में स्थानीय एसडीओ से संपर्क किया गया, तो उन्होंने बताया कि “लाइन मेंटेनेंस और ट्रिपिंग” के कारण अस्थायी दिक्कतें आ रही हैं और जल्द ही समाधान किया जाएगा। लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि यह आश्वासन तो महीनों से दिया जा रहा है, लेकिन सुधार कुछ नहीं हुआ।
📣 ग्रामीणों की चेतावनी
बिजली संकट से त्रस्त ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे बिजली विभाग का घेराव करेंगे और धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे।
📝 निष्कर्ष:
गर्मी के इस मौसम में आर्यनगर के ग्रामीणों को लगातार बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है। विभाग की लापरवाही और तकनीकी समस्याओं का सीधा खामियाजा जनता को उठाना पड़ रहा है। प्रशासन को चाहिए कि तुरंत संज्ञान लेकर प्रभावी कदम उठाए, ताकि जनता को राहत मिल सके।

