गोंडा: जिले में प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने के उद्देश्य से 101 अधिकारियों और कर्मचारियों का स्थानांतरण किया गया है।
यह बड़ा फैसला जिलाधिकारी नेहा शर्मा के निर्देश पर लिया गया, जिसे मुख्य विकास अधिकारी अंकिता जैन द्वारा क्रियान्वित किया गया।
जिन पदों पर हुए तबादले
तबादला सूची में शामिल हैं:
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सहायक विकास अधिकारी (पंचायत)
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सहायक विकास अधिकारी (ISB)
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ग्राम विकास अधिकारी (VDO)
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ग्राम पंचायत अधिकारी
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लेखाकार और अन्य तकनीकी स्टाफ
इनमें से अधिकांश अधिकारी कई वर्षों से एक ही पद या क्षेत्र में कार्यरत थे, जिससे कार्य में एकरूपता और प्रभावशीलता की कमी देखी जा रही थी।
पारदर्शी और उत्तरदायी प्रशासन की दिशा में कदम
मुख्य विकास अधिकारी अंकिता जैन ने बताया कि
“तबादलों का उद्देश्य सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को तेज और पारदर्शी बनाना है। सभी अधिकारियों को नए कार्यस्थल पर तत्काल कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।”
डीएम का स्पष्ट संदेश: ‘जीरो टॉलरेंस’
डीएम नेहा शर्मा ने कहा कि
“जिला प्रशासन में पारदर्शिता और अनुशासन सर्वोपरि है। कर्मचारियों को जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्य करना होगा।
किसी भी प्रकार की शिकायत की स्थिति में तत्काल सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
उन्होंने कहा कि यह स्थानांतरण केवल एक प्रक्रिया नहीं, बल्कि बेहतर शासन व्यवस्था की दिशा में एक जरूरी कदम है।
योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे
जिला प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि इस कदम से सरकारी योजनाओं का लाभ आखिरी व्यक्ति तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचेगा।
भविष्य में भी इस तरह की समीक्षा और स्थानांतरण प्रक्रिया नियमित रूप से जारी रहेगी।
निष्कर्ष
गोंडा जिले का यह प्रशासनिक कदम राज्य के अन्य जिलों के लिए भी एक आदर्श मिसाल बन सकता है।
इससे न केवल योजनाओं की तेजी से क्रियान्वयन में मदद मिलेगी, बल्कि जनता का प्रशासन पर विश्वास भी बढ़ेगा।

