गोंडा – उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में जमीन कब्जे के विवाद को लेकर हुए बलवा और मारपीट मामले में न्यायालय ने सपा के जिला अध्यक्ष, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सपा युवजन सभा समेत कुल 12 आरोपियों को सजा सुनाई है। यह फैसला ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत शुक्रवार को दिया गया।
मामले का परिचय
यह मामला 27 सितंबर 2014 का है, जब गोंडा-फैजाबाद मार्ग के चिस्तीपुर क्षेत्र में जमीन के विवाद को लेकर दो पक्षों में जमकर मारपीट हुई थी। दोनों तरफ से हथियार और लाठी-डंडे चले थे, जिससे इलाके में अफरातफरी मच गई थी।
आरोपियों को सजा
न्यायालय ने इस मामले में 12 आरोपियों को दोषी पाया। इनमें से पांच आरोपियों को दो वर्ष की कैद और 11 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। इन पांच आरोपियों में सपा जिलाध्यक्ष और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सपा युवजन सभा के सदस्य शामिल हैं। अन्य आरोपियों को भी न्यायालय ने सजा और जुर्माना सुनाया है।
दोनों पक्षों पर जुर्माना
मुकदमे में दोनों पक्षों के गुनाहगार पाए जाने पर न्यायालय ने दो पक्षों पर जुर्माना लगाने का आदेश दिया। यह जुर्माना संबंधित पक्षों को बराबर-बराबर वितरित किया गया है।
ऑपरेशन कन्विक्शन का असर
यह कार्रवाई प्रदेश सरकार के अभियान ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत की गई है, जिसका मकसद पुराने लंबित मामलों में तेजी लाकर दोषियों को सजा दिलाना है। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के कड़े कदम अपराध नियंत्रण में मददगार साबित होंगे।

