लखनऊ: समाजवादी पार्टी ने एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया को लेकर कई जिलों में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए निर्वाचन आयोग में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। पार्टी का कहना है कि 2003 की मतदाता सूची में नाम दर्ज होने के बावजूद भी कई जगहों पर बीएलओ द्वारा मतदाताओं के गणना प्रपत्र को “थर्ड ऑप्शन” (आप्शन-3) में सबमिट किया जा रहा है, जिससे मतदाताओं को अनावश्यक रूप से दस्तावेजी नोटिस दिए जाने की आशंका है।
सपा के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने बताया कि अमेठी की गौरीगंज विधानसभा, गोंडा की करनैलगंज विधानसभा, प्रयागराज की कोरांव विधानसभा और शामली में बड़ी संख्या में मतदाताओं के फॉर्म गलत तरीके से आप्शन-3 में डाले गए हैं। उनका आरोप है कि कई जिलों में 2003 की मतदाता सूची से लोगों के नाम अचानक गायब कर दिए गए, जिससे मतदाताओं को आवेदन भरने में परेशानी हो रही है।
अमेठी जिले की गौरीगंज विधानसभा क्षेत्र में 389 मतदेय स्थलों में से 110 बूथों पर 80 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं के प्रपत्रों को थर्ड ऑप्शन में सबमिट किए जाने का आरोप लगाया गया है। वहीं बूथ संख्या 322 पर बीएलओ ऐप से क्यूआर कोड स्कैन करने पर किसी और मतदाता का विवरण दिखने की शिकायत भी सामने आई है।
गोंडा जिले की करनैलगंज विधानसभा क्षेत्र के करीब 30 से अधिक मतदेय स्थलों पर 50 से 79 प्रतिशत तक मतदाताओं के फॉर्म आप्शन-3 में डालने की बात कही गई है। पार्टी का कहना है कि जिन मतदाताओं ने 2003 की सूची से जुड़े अपने या रिश्तेदारों के नाम का सही विवरण भरा, उन्हें भी अनावश्यक नोटिस देकर दस्तावेज मांगने की स्थिति बनाई जा रही है।
शामली जिले के थाना भवन विधानसभा क्षेत्र में बूथ संख्या 142 से 151 तक गणना प्रपत्रों का वितरण अधूरा बताया गया है। इसके साथ ही मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर इन बूथों से जुड़ी जानकारी बंद करने का आरोप भी लगाया गया है, जिससे मतदाताओं को ऑनलाइन जानकारी नहीं मिल पा रही है।
मिर्जापुर में यह आरोप लगाया गया है कि बीएलओ अपने निर्धारित विधानसभा क्षेत्र से बाहर बैठकर दूसरी विधानसभा के फॉर्म सबमिट कर रहे हैं और सपा के बूथ लेवल एजेंटों को वहां बुलाकर हस्ताक्षर करवाए जा रहे हैं। बागपत विधानसभा क्षेत्र में 2003 की मतदाता सूची से 1200 से अधिक मतदाताओं के नाम लापता होने की शिकायत दर्ज कराई गई है।
प्रयागराज शहर पश्चिमी क्षेत्र में भी पुराने वोटर डाटा को बदलकर नई सूची अपलोड किए जाने का आरोप लगाया गया है, जिसमें कई मतदाताओं के नाम गायब बताए जा रहे हैं।
समाजवादी पार्टी की ओर से मुख्य निर्वाचन अधिकारी के.के. श्रीवास्तव और राधेश्याम सिंह को ज्ञापन सौंपकर तत्काल जांच और सुधारात्मक कार्रवाई की मांग की गई है।



