राजस्थान: के अजमेर जिले में रविवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को हिला दिया। पुष्कर घाटी में सवारियों से भरी एक बस अचानक बेकाबू होकर करीब 200 फीट गहरी खाई में जा गिरी। इस हादसे में दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 31 लोग घायल हो गए।
कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के अनुसार, बस अजमेर से पुष्कर की ओर जा रही थी। बस में कुल 33 यात्री सवार थे, जो पीसांगन क्षेत्र में एक पारिवारिक कार्यक्रम “मायरा” में शामिल होने जा रहे थे। जैसे ही बस पुष्कर से करीब 3 किलोमीटर पहले सांझीसर इलाके के पास पहुंची, अचानक ड्राइवर का नियंत्रण वाहन पर से हट गया और बस सीधे खाई में उतर गई।
बस करीब 200 फीट नीचे जाकर पेड़ों और झाड़ियों में फंस गई, जिससे कई यात्रियों की जान बच गई, लेकिन झटका इतना तेज था कि कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
ड्राइवर कूदकर फरार
हादसे के बाद सामने आई सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि बस ड्राइवर दुर्घटना से ठीक पहले कूदकर फरार हो गया। इस जानकारी की पुष्टि मौके पर मौजूद घायलों और रेस्क्यू टीम ने भी की है। पुलिस अब फरार ड्राइवर की तलाश में जुटी हुई है और मामले की जांच की जा रही है।
स्थानीय लोगों ने दिखाई बहादुरी
हादसे के तुरंत बाद आसपास के लोग घटनास्थल पर पहुंचे और बिना किसी देरी के राहत और बचाव कार्य शुरू किया। खाई की गहराई और दुर्गम स्थिति के कारण बचाव कार्य बेहद मुश्किल था। ऐसे में लोगों ने अपने कपड़ों को जोड़कर रस्सी बनाई और उसी के सहारे नीचे उतरकर घायलों को बाहर निकाला।
यह मानवीय साहस और तत्परता का अद्भुत उदाहरण था, जिसने कई जिंदगियों को बचाने में अहम भूमिका निभाई।
रेस्क्यू ऑपरेशन और अस्पताल में भर्ती
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, SDRF और सिविल डिफेंस की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। सभी घायलों को पहले पुष्कर के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जेएलएन हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, 30 घायलों का इलाज जारी है, जबकि एक व्यक्ति को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है।
मृतकों की पहचान
हादसे में जान गंवाने वाली महिलाओं की पहचान पूजा (28) पत्नी विजय सिंह गुर्जर और विमला देवी (50) पत्नी ओम प्रकाश गुर्जर के रूप में हुई है। दोनों अजमेर क्षेत्र की रहने वाली थीं। उनके परिवारों में शोक की लहर है।
जाम और प्रशासनिक हलचल
हादसे के बाद पुष्कर घाटी मार्ग पर लंबा जाम लग गया, जिससे यातायात पूरी तरह प्रभावित हुआ। प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर यातायात को नियंत्रित किया और स्थिति सामान्य करने में कई घंटे लगे।
अजमेर कलेक्टर और एसपी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी अस्पताल पहुंचे और घायलों से बातचीत कर घटना की जानकारी ली।
मुआवजे की मांग और जांच के आदेश
हादसे के बाद मृतकों के परिजनों ने उचित मुआवजे की मांग की है। स्थानीय नेताओं ने भी प्रशासन से बस के परमिट और फिटनेस की जांच करने की मांग उठाई है।
पुलिस ने कहा है कि दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच की जाएगी, जिसमें ड्राइवर की लापरवाही, वाहन की स्थिति और सड़क की परिस्थितियां शामिल हैं।
अजमेर-पुष्कर मार्ग पर हुआ यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और वाहन संचालन की गंभीरता को उजागर करता है। जहां एक ओर ड्राइवर की लापरवाही सामने आई, वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों की बहादुरी ने कई जिंदगियां बचाईं। प्रशासन के लिए यह जरूरी है कि ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं।

