अंबेडकरनगर/कानपुर: उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को एक बड़ी सफलता मिली है। अंबेडकरनगर जिले के बेवाना थाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में ₹1 लाख के इनामी कुख्यात अपराधी आसिम अली उर्फ विक्की उर्फ नक्शे हसन उर्फ पेंदा को मार गिराया गया। पुलिस के अनुसार, वह पिछले करीब 12 वर्षों से फरार था और उत्तर प्रदेश के कई जिलों के अलावा हरियाणा में भी दर्जनों गंभीर मामलों में वांछित था।
मुठभेड़ के दौरान एसटीएफ का एक आरक्षी भी गोली लगने से घायल हुआ, जबकि जवाबी कार्रवाई में विक्की गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
12 साल से पुलिस के लिए बना हुआ था चुनौती
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आसिम अली वर्ष 2014 से फरार चल रहा था। उस पर जौनपुर में हुए चर्चित ट्रिपल मर्डर और डकैती सहित कई संगीन मामलों में आरोप थे। उसके खिलाफ हत्या, डकैती, लूट और अन्य गंभीर अपराधों के कुल 21 मुकदमे दर्ज बताए गए हैं।
एसटीएफ के अनुसार, उस पर ₹1 लाख का इनाम घोषित था और उसकी लंबे समय से तलाश की जा रही थी।
छैमार गैंग का सक्रिय सदस्य था
जांच एजेंसियों के मुताबिक, विक्की अंतरराज्यीय छैमार गैंग से जुड़ा हुआ था। यह गिरोह उत्तर प्रदेश और आसपास के राज्यों में डकैती और अन्य गंभीर अपराधों के लिए कुख्यात माना जाता रहा है।
बताया जाता है कि पहले यह गिरोह बावरिया गैंग से जुड़ा था, लेकिन बाद में अलग होकर स्वतंत्र रूप से आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने लगा।
पुलिस का कहना है कि मार्च 2025 में गिरोह के सरगना के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद इसके सदस्य भूमिगत हो गए थे।
भेष बदलकर मेले में आता था
स्थानीय लोगों के अनुसार, विक्की का अपने पैतृक इलाके से वर्षों पहले संपर्क लगभग खत्म हो गया था। हालांकि, दावा किया जाता है कि वह हर वर्ष लगने वाले मेले के दौरान अलग-अलग भेष में वहां पहुंचता था।
बताया जाता है कि वह दरगाह पर चादर चढ़ाने के बाद बिना किसी को भनक लगे वापस चला जाता था। स्थानीय लोगों का कहना है कि बहुत कम लोग ही उसे पहचान पाते थे।
इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यह जानकारी स्थानीय लोगों के हवाले से सामने आई है।
मुठभेड़ कैसे हुई?
एसटीएफ गौतमबुद्धनगर यूनिट को सूचना मिली थी कि छैमार गैंग के कुछ सदस्य अंबेडकरनगर क्षेत्र में सक्रिय हैं।
सूचना के आधार पर पुलिस ने कुशालपुर चौराहे के पास बाइक सवार दो संदिग्धों को रोकने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार, संदिग्धों ने भागने का प्रयास किया और फायरिंग शुरू कर दी।
जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी घायल हो गया, जिसकी पहचान बाद में आसिम अली उर्फ विक्की के रूप में हुई। उसका एक साथी मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है।
हथियार और सामान बरामद
पुलिस ने घटनास्थल से एक पिस्तौल, देसी तमंचा, कारतूस, खोखे, एक बैग और मोटरसाइकिल बरामद करने का दावा किया है।
मामले में आगे की जांच जारी है और फरार आरोपी की तलाश के लिए पुलिस की टीमें सक्रिय हैं।
जौनपुर ट्रिपल मर्डर केस में था वांछित
पुलिस के अनुसार, वर्ष 2014 में जौनपुर जिले के शाहगंज क्षेत्र में हुई डकैती और तीन लोगों की हत्या के मामले में भी विक्की वांछित था।
इसी मामले के बाद उसके खिलाफ इनाम घोषित किया गया था और विभिन्न जिलों की पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी।
अंबेडकरनगर में हुई एसटीएफ की कार्रवाई को उत्तर प्रदेश पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है। लंबे समय से फरार चल रहे इनामी आरोपी के मारे जाने के बाद अब पुलिस उसके फरार सहयोगियों की तलाश में जुटी है। मामले से जुड़े सभी तथ्यों की जांच और कानूनी प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।

