भुवनेश्वर: पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के दौरान रविवार सुबह मची भगदड़ में 3 लोगों की मौत और 50 से अधिक श्रद्धालुओं के घायल होने की घटना के बाद ओडिशा की सियासत गर्मा गई है। राजधानी भुवनेश्वर में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों द्वारा मुख्यमंत्री आवास का घेराव किए जाने पर पुलिस द्वारा की गई सख्ती का एक वीडियो वायरल हो गया है।
इस वीडियो में एडिशनल कमिश्नर नरसिंह भोल प्रदर्शनकारी पुलिसकर्मियों को यह कहते सुने जा सकते हैं –
“कोई भी अगर बैरिकेडिंग पार करे तो टांग तोड़ देना, पकड़ना नहीं है। जो टांग तोड़ेगा, वो मुझसे इनाम लेकर जाएगा।”
CM हाउस के बाहर सख्त पहरा, कांग्रेस का प्रदर्शन उग्र
भगदड़ की घटना को लेकर गुस्साए विपक्षी दलों ने सोमवार को मुख्यमंत्री मोहन माझी के आवास के बाहर प्रदर्शन की घोषणा की थी। प्रशासन ने सुरक्षा कड़ी करते हुए CM हाउस के बाहर बैरिकेडिंग लगाई। इसी दौरान ACP नरसिंह भोल का यह विवादित वीडियो सामने आया, जिसने स्थिति और तनावपूर्ण बना दी।
भगदड़ में 3 श्रद्धालुओं की मौत, कई घायल
पुरी में रविवार सुबह करीब 4 बजे जगन्नाथ रथयात्रा के दौरान गुंडिचा मंदिर के सामने भगदड़ मच गई। मृतकों की पहचान बसंती साहू (36), प्रेमकांति महांति (78) और प्रभाती दास के रूप में हुई है। करीब 50 श्रद्धालु घायल हुए हैं, जिनमें 6 की हालत गंभीर बताई जा रही है।
भगदड़ का कारण: देर से पहुंचा जगन्नाथ का रथ
जानकारी के अनुसार, बलभद्र और सुभद्रा के रथ पहले पहुंच चुके थे, जबकि जगन्नाथ का रथ बाद में पहुंचा। इस कारण श्रद्धालुओं में दर्शन की होड़ मच गई और मौके पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती नहीं होने से भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
CM ने मांगी माफी, प्रशासनिक कार्रवाई शुरू
मुख्यमंत्री मोहन माझी ने X (पूर्व ट्विटर) पर बयान जारी करते हुए लिखा:
“मैं और मेरी सरकार भगवान जगन्नाथ के सभी भक्तों से क्षमा मांगते हैं। यह लापरवाही क्षमा के योग्य नहीं है।”
सरकार ने हादसे के तुरंत बाद पुरी के कलेक्टर और SP को हटा दिया है। चंचल राणा को नया कलेक्टर और पिनाक मिश्रा को नया SP नियुक्त किया गया है। साथ ही DCP और कमांडेंट को निलंबित कर दिया गया है।
भगदड़ की जांच के लिए डेवलपमेंट कमिश्नर को जिम्मेदारी
ओडिशा के कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने जानकारी दी कि घटना की जांच डेवलपमेंट कमिश्नर अनु गर्ग करेंगी। उन्हें 30 दिनों में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।
पूर्व में भी हो चुके हैं हादसे
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2024: रथयात्रा में भगदड़ से 2 मौतें, कई घायल
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2008: सिंहद्वार के सामने भगदड़ में 6 श्रद्धालुओं की मौत
वीडियो से उबाल, विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रिया
कांग्रेस ने ACP के बयान को तानाशाही और बर्बरता की मिसाल बताया है।
राज्य कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा:
“जब जनता न्याय मांगने सड़क पर उतरे, और पुलिस उसे मारने की बात करे, तो समझिए लोकतंत्र किस हाल में है।”
निष्कर्ष: श्रद्धा की रेखा कब सुरक्षा में बदलती है?
जगन्नाथ रथयात्रा विश्व की सबसे भीड़भाड़ वाली धार्मिक यात्राओं में से एक है। हादसे यह सवाल उठाते हैं कि क्या सुरक्षा व्यवस्था केवल खानापूर्ति है? और क्या जनता की आवाज़ को लाठी से दबाया जा सकता है?

