संगारेड्डी: तेलंगाना के संगारेड्डी जिले में सोमवार सुबह सिगाची केमिकल इंडस्ट्री में हुए जोरदार विस्फोट ने इलाके में दहशत फैला दी। सुबह 7 बजे फैक्ट्री के एक रिएक्टर में विस्फोट हुआ, जिससे मौके पर ही 10 मजदूरों की मौत हो गई और 20 से अधिक लोग घायल हो गए हैं। कई मजदूरों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
कैसे हुआ हादसा: रिएक्टर में अचानक हुआ विस्फोट
घटना पाशमिलारम इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित सिगाची इंडस्ट्रीज लिमिटेड में हुई, जो केमिकल निर्माण में संलग्न है। रिपोर्ट्स के अनुसार, एक रिएक्टर में अत्यधिक प्रेशर या रासायनिक प्रतिक्रिया के कारण धमाका हुआ, जिसकी आवाज़ दूर तक सुनाई दी।
विस्फोट के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई और मजदूर जान बचाकर भागते नजर आए। कुछ मजदूरों ने छत या खिड़कियों से छलांग लगाकर अपनी जान बचाई।
हादसे के बाद धुएं का गुबार, मौके पर भगदड़
धमाके के तुरंत बाद फैक्ट्री से काले धुएं का गुबार उठता देखा गया। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि कई मजदूर 20% से 50% तक जल गए हैं। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कई की हालत नाजुक बनी हुई है।
फायर ब्रिगेड और रेस्क्यू टीमों की मुस्तैदी
हादसे की जानकारी मिलते ही फायर डिपार्टमेंट की 5 गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं और करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
NDRF और पुलिस बल ने मिलकर फैक्ट्री में फंसे लोगों को बाहर निकाला। फैक्ट्री में उस समय 50 से अधिक मजदूर मौजूद थे।
मौके पर मौजूद लोगों की आंखों देखी
घटना के चश्मदीद मजदूर रमेश कुमार ने बताया:
“हम रोज की तरह काम पर आए थे। अचानक जोरदार धमाका हुआ और सब कुछ जलने लगा। कुछ भी समझ में नहीं आया, हम जैसे-तैसे बाहर भागे।”
फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
स्थानीय प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। यह देखा जा रहा है कि क्या फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों और फायर सेफ्टी नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यदि लापरवाही साबित हुई, तो फैक्ट्री प्रबंधन पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा सकता है।
अब तक की स्थिति
| विवरण | आँकड़ा |
|---|---|
| मृतक मजदूर | 10 |
| घायल | 20+ |
| झुलसे मजदूर | कई (20% से 50%) |
| फंसे लोग | अब भी खोज जारी |
| दमकल वाहन | 5 |
| फैक्ट्री में मौजूद कुल लोग | 50+ |
अधिकारियों का बयान
जिला कलेक्टर ने कहा,
“यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना है, हम हर संभव मदद कर रहे हैं। मेडिकल इमरजेंसी सेवाओं को एक्टिव कर दिया गया है और घायलों के इलाज की निगरानी की जा रही है।”

