मुंबई | महाराष्ट्र की महायुति सरकार जल्द ही राज्य में धर्मांतरण रोकने के लिए एक सख्त कानून लागू करने जा रही है।
राज्य के गृह राज्य मंत्री (ग्रामीण) पंकज भोयर ने सोमवार को विधान परिषद में जानकारी देते हुए कहा कि यह कानून दिसंबर 2025 से प्रभावी किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह कानून देश के अन्य 10 राज्यों में लागू धर्मांतरण विरोधी कानूनों से अधिक कठोर होगा।
डीजीपी की अध्यक्षता में गठित पैनल, रिपोर्ट हो चुकी है तैयार
गृह राज्य मंत्री पंकज भोयर ने बताया कि धर्मांतरण के खिलाफ कानून बनाने के लिए पुलिस महानिदेशक (DGP) की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया था। इस समिति ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है, और अब शीतकालीन सत्र में विधेयक को विधानसभा में पेश कर पारित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र ऐसा करने वाला देश का 11वां राज्य बनेगा, जहां धर्मांतरण विरोधी कानून लागू होगा।
जबरन धर्म परिवर्तन की घटनाओं से सरकार सख्त
गृह राज्य मंत्री ने बताया कि राज्य में जबरन धर्मांतरण की घटनाओं में वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि सांगली जिले में एक गर्भवती महिला द्वारा आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया था, जहां उसके ससुराल पक्ष की ओर से धर्म परिवर्तन का दबाव डाला जा रहा था।
पुणे में भी एक परिवार पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया था, जो मीडिया और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना रहा।
इस मुद्दे को विधान परिषद में शिवसेना नेता व मनोनीत एमएलसी मनीषा कायंदे ने उठाया, जिस पर मंत्री ने जवाब देते हुए आगामी कानून की घोषणा की।
कानून की रूपरेखा और प्रावधान
सरकार की मंशा स्पष्ट है कि यह कानून न सिर्फ धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा करेगा बल्कि धोखे, लालच या दबाव में करवाए जा रहे धर्मांतरण पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।
सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित कानून में निम्न प्रावधान शामिल हो सकते हैं:
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अनुमति के बिना धर्मांतरण को अपराध की श्रेणी में रखा जाएगा।
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दोषियों के लिए कड़ी सजा और जुर्माने की व्यवस्था।
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लालच, प्रलोभन या बल के माध्यम से धर्मांतरण को गैर-कानूनी माना जाएगा।
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धर्मांतरण के पहले और बाद में स्थानीय मजिस्ट्रेट को सूचित करना अनिवार्य होगा।
अन्य राज्यों में पहले से लागू हैं कानून
ध्यान देने योग्य है कि राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, झारखंड और उत्तराखंड जैसे राज्यों में पहले से धर्मांतरण विरोधी कानून लागू हैं।
महाराष्ट्र सरकार अब इन राज्यों की तर्ज पर लेकिन कड़े प्रावधानों के साथ कानून लाने जा रही है।
राजस्व मंत्री ने भी जताई थी प्रतिबद्धता
इससे पहले महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने भी विधानसभा में इसी मुद्दे पर बोलते हुए कहा था कि वह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से चर्चा कर सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून लाने की प्रक्रिया तेज करेंगे।
निष्कर्ष
महाराष्ट्र सरकार का यह कदम राज्य में जबरन या धोखाधड़ी से कराए जा रहे धर्म परिवर्तन की घटनाओं पर नियंत्रण और रोकथाम सुनिश्चित करने का प्रयास है।
दिसंबर 2025 में प्रस्तावित इस कानून के लागू होते ही महाराष्ट्र भी उन राज्यों की सूची में शामिल हो जाएगा, जो धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए स्पष्ट और सख्त क़ानून व्यवस्था अपनाते हैं।

