Lucknow: घर बनाने का सपना होगा पूरा! सौमित्र विहार योजना में 5000+ प्लॉट, जानें कीमत, पात्रता और रजिस्ट्रेशन की पूरी जानकारी

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में अपना घर बनाने का सपना देख रहे लोगों के लिए सौमित्र विहार योजना काफी अहम साबित हो सकती है। उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद की ओर से विकसित की जा रही इस एकीकृत स्मार्ट टाउनशिप में 5000 से अधिक आवासीय प्लॉट उपलब्ध कराने की योजना है। इन भूखंडों का आकार अलग-अलग रखा गया है, ताकि अलग बजट और जरूरत वाले लोगों को विकल्प मिल सके।

सौमित्र विहार योजना न्यू जेल रोड और गोसाईंगंज क्षेत्र में करीब 560 एकड़ में विकसित की जा रही है। योजना में आवासीय भूखंडों के साथ व्यावसायिक गतिविधियों, हरित क्षेत्र, सड़क और अन्य आधुनिक सुविधाओं को भी शामिल किया गया है। यही वजह है कि लंबे समय से लोग इसके रजिस्ट्रेशन खुलने का इंतजार कर रहे हैं।

क्या है सौमित्र विहार योजना?

सौमित्र विहार योजना उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद की महत्वाकांक्षी टाउनशिप परियोजना है। दिसंबर 2024 में नई जेल रोड आवासीय योजना को लेकर घोषणा की गई थी। इसके बाद मार्च 2025 में आवास विकास परिषद के निदेशक मंडल की बैठक में मोहनलालगंज-नई जेल रोड टाउनशिप का नाम सौमित्र विहार योजना रखने को मंजूरी दी गई।

इस योजना का उद्देश्य लखनऊ में नियोजित तरीके से आवासीय विकास करना है। यहां लोगों को प्लॉट के साथ बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।

कितने प्लॉट मिलेंगे?

सौमित्र विहार योजना में कुल 5000 से अधिक भूखंड विकसित किए जाने की योजना है। पहले चरण में 2092 भूखंडों की बिक्री शुरू किए जाने की तैयारी है।

आवासीय भूखंडों के प्रस्तावित आकार इस प्रकार हैं:

प्लॉट का आकार प्रस्तावित संख्या
300 वर्ग मीटर 161
200 वर्ग मीटर 579
122.23 वर्ग मीटर 445
75 वर्ग मीटर 598
60.29 वर्ग मीटर 229
40.74 वर्ग मीटर 80

इसके अलावा योजना में व्यावसायिक भूखंड भी प्रस्तावित हैं। इनमें 1375 वर्ग मीटर के 5, 200 वर्ग मीटर के 57 और 100 वर्ग मीटर के 107 भूखंड शामिल बताए गए हैं।

प्लॉट की कीमत कितनी हो सकती है?

सौमित्र विहार योजना के प्लॉट की कीमत को लेकर लोगों में सबसे ज्यादा उत्सुकता है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक भूमि का मूल्य करीब 25,000 से 26,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर रहने का अनुमान है।

हालांकि, अंतिम कीमत, भुगतान की शर्तें और अन्य शुल्क आधिकारिक पंजीकरण प्रक्रिया तथा योजना के अंतिम दस्तावेज जारी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे। इसलिए खरीदारों को सोशल मीडिया या अनधिकृत एजेंटों द्वारा बताए गए रेट पर भरोसा नहीं करना चाहिए।

कौन कर सकता है आवेदन?

उपलब्ध योजना विवरण के अनुसार आवेदक का उत्तर प्रदेश का निवासी होना जरूरी बताया गया है। आवेदक की उम्र 18 से 55 वर्ष के बीच होनी चाहिए।

हालांकि, रजिस्ट्रेशन शुरू होने पर आवास विकास परिषद की ओर से जारी आधिकारिक नियम और पात्रता शर्तों को ही अंतिम माना जाएगा। इसलिए आवेदन से पहले आधिकारिक दस्तावेजों को ध्यान से पढ़ना जरूरी होगा।

कब खुलेगा रजिस्ट्रेशन?

सौमित्र विहार योजना का सबसे बड़ा सवाल यही है कि आम लोगों के लिए आवेदन कब शुरू होगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार योजना को अगस्त में लॉन्च करने की तैयारी की जा रही है।

योजना के पंजीकरण के लिए यूपी रेरा में आवेदन किया जा चुका है। रिपोर्ट के अनुसार 11 अगस्त को आवास विकास परिषद की ओर से रेरा पोर्टल पर आवेदन किया गया। इसके बाद दस्तावेजों की जांच और संबंधित प्रक्रिया पूरी की जानी है।

इसलिए जब तक आधिकारिक तौर पर रजिस्ट्रेशन की तारीख और आवेदन प्रक्रिया घोषित नहीं होती, तब तक किसी व्यक्ति या एजेंसी को पैसा देकर प्लॉट बुक कराने से बचना चाहिए।

किसानों को भी मिला विकसित भूखंड

सौमित्र विहार योजना की एक खास बात इसका लैंड पूलिंग मॉडल है। योजना के लिए किसानों की सहमति से जमीन लिए जाने की प्रक्रिया अपनाई गई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक जमीन देने वाले 192 किसानों को लॉटरी के माध्यम से विकसित भूखंड आवंटित किए गए हैं।

परिषद के मुताबिक किसानों से संबंधित भूमि की रजिस्ट्री की प्रक्रिया भी पूरी की जा चुकी है। इससे योजना को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण मदद मिली है।

क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी?

सौमित्र विहार को केवल प्लॉट योजना के तौर पर नहीं, बल्कि एक एकीकृत स्मार्ट टाउनशिप के रूप में विकसित करने की योजना है। इसमें चौड़ी सड़कें, हरित क्षेत्र और कृत्रिम झील जैसी सुविधाओं का प्रस्ताव है।

इसके अलावा योजना में 169 कमर्शियल प्लॉट भी प्रस्तावित हैं। इससे भविष्य में स्थानीय स्तर पर बाजार और व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। EWS और LIG वर्ग के लिए भी विशेष आवासीय क्षेत्र प्रस्तावित किए गए हैं।

फर्जी बुकिंग से रहें सावधान

योजना को लेकर लोगों की बढ़ती रुचि के बीच धोखाधड़ी का खतरा भी बढ़ सकता है। अभी तक आम जनता के लिए आधिकारिक रजिस्ट्रेशन शुरू नहीं हुआ है। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति एडवांस बुकिंग, स्पेशल बुकिंग या तत्काल प्लॉट दिलाने के नाम पर पैसे मांगता है तो सावधान रहें।

आवास विकास परिषद की आधिकारिक प्रक्रिया शुरू होने से पहले किसी एजेंट या निजी व्यक्ति को बुकिंग राशि देना जोखिम भरा हो सकता है। आवेदन केवल आधिकारिक सूचना और निर्धारित प्रक्रिया के आधार पर ही करें।

सौमित्र विहार योजना लखनऊ में अपना घर बनाने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए एक बड़ी आवासीय परियोजना है। 5000 से अधिक प्लॉट, अलग-अलग आकार के भूखंड और आधुनिक टाउनशिप सुविधाओं के कारण इस योजना को लेकर लोगों में काफी उत्सुकता है। हालांकि, अभी सबसे जरूरी है कि खरीदार आधिकारिक रजिस्ट्रेशन और अंतिम कीमत की घोषणा का इंतजार करें। बिना आधिकारिक बुकिंग शुरू हुए किसी भी एजेंट को पैसा न दें और फर्जी ऑफर से सावधान रहें।

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